Latur में CA गिरफ्तार: 16 फर्जी कंपनियों से विदेश भेजे सैकड़ों करोड़ रुपये

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महाराष्ट्र के लातूर में आयकर विभाग के सर्वे के बाद पुलिस ने चार्टर्ड एकाउंटेंट श्याम कालानी को सैकड़ों करोड़ रुपये अवैध रूप से विदेश भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बिना दस्तावेजों की जांच किए 1,810 फॉर्म 15सीबी प्रमाण पत्र जारी किए थे, जिसके सहारे 16 शेल कंपनियों के जरिए यह लेन-देन हुआ। उदगीर अदालत ने आरोपी को नौ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है और जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई है।

महाराष्ट्र के लातूर जिले में 16 ‘शेल’ (फर्जी) कंपनियों के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये विदेश भेजने में मदद करने के आरोपी एक चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शेल कंपनियां वे होती हैं, जो केवल दस्तावेजों पर मौजूद रहती हैं और वहीं से संचालित की जाती हैं।

वास्तव में इनका कोई भौतिक कार्यालय, कर्मचारी या व्यावसायिक गतिविधि नहीं होती। इन कंपनियों का गठन मुख्य रूप से वित्तीय लेन-देन दिखाकर अवैध धन को छिपाने, कर की चोरी करने और पैसों की हेराफेरी कर उसे आसानी से विदेश भेजने के लिए किया जाता है। उदगीर शहर के पुलिस निरीक्षक भुसनूर ने बताया कि आरोपी की पहचान श्याम कालानी के रूप में हुई है।

उदगीर की एक अदालत ने आरोपी को सोमवार को नौ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह मामला आयकर विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर 21 अगस्त को दर्ज की गई प्राथमिकी के बाद सामने आया। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कालानी ने बिना जरूरी दस्तावेजों की जांच किए, धन विदेश भेजने के लिए आयकर नियमों के तहत फॉर्म 15सीबी में 1,810 प्रमाण पत्र जारी कर दिए थे।

फॉर्म 15सीबी सीए द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक पत्र होता है, जो यह प्रमाणित करता है कि विदेश भेजे जा रहे धन पर उचित कर चुका दिया गया है और इसमें किसी कर की चोरी नहीं हुई है। पुलिस का आरोप है कि इन प्रमाण पत्रों के जरिए एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच 16 ऐसी कंपनियों के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये विदेश भेजे गए, जिनका असल में कोई अस्तित्व ही नहीं था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 234, 229 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच लातूर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई है।

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