दरौंदा उपचुनाव केस: ACJM के समक्ष Siwan Court में पेश हुए RJD चीफ Lalu Yadav

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव 2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के 15 साल पुराने मामले में सिवान जिला अदालत में पेश हुए। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह मामला बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धारा 144 के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव 2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप से जुड़े 15 साल पुराने मामले में सिवान जिला अदालत में पेश हुए। लालू, दरौंदा थाने में दर्ज इस मामले के सिलसिले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार सिंह के समक्ष पेश हुए। वरिष्ठ RJD नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने कहा, "माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार, हमारे नेता लालू प्रसाद यादव 'दरौंदा उपचुनाव' के दौरान 'आदर्श आचार संहिता' (Model Code of Conduct) के उल्लंघन से जुड़े मामले में पेश हो रहे हैं।
न्यायालय ने उनके पेश होने का निर्देश दिया था, और इसी उद्देश्य से वे यहाँ आए हैं। उन्हें हमेशा से न्यायपालिका पर गहरा विश्वास रहा है, जैसा कि हम सभी को होना चाहिए। न्यायालय का जो भी आदेश होगा, हम सभी उसका पालन करेंगे। वे न्यायपालिका के निर्देशों का पूरा सम्मान करते हैं और उनका स्वागत करते हैं; इसीलिए आदरणीय लालू प्रसाद जी आज न्यायालय के समक्ष पेश होने आए हैं। यह मामला अक्टूबर 2011 का है, जब सीवान जिले में 'दरौंदा उपचुनाव' के लिए प्रचार चल रहा था। यह उपचुनाव जनता दल (यूनाइटेड) की तत्कालीन विधायक जगमातो देवी के निधन के बाद कराया गया था।
आरोप है कि लालू प्रसाद यादव, RJD उम्मीदवार परमेश्वर सिंह के लिए प्रचार करने दरौंदा गए थे। वहां उन्होंने धारा 144 और 'लाउडस्पीकर एक्ट' के तहत लागू निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का उल्लंघन करते हुए एक जनसभा को संबोधित किया था। जिला चुनाव अधिकारियों का दावा है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था। चुनाव मजिस्ट्रेट और स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए साउंड बंद करवा दिया और माइक्रोफोन जब्त कर लिया, जिससे पार्टी समर्थकों के बीच हंगामा हो गया।
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में, भारतीय दंड संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं के तहत लालू प्रसाद यादव और परमेश्वर सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई। लंबी चली सुनवाई के दौरान परमेश्वर सिंह का निधन हो गया।
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