Kerala PSC परीक्षा में ऑनलाइन मटीरियल से उतारे गए 45 सवाल, Crime Branch ने दर्ज किया केस

केरल पुलिस की अपराध शाखा ने राज्य लोक सेवा आयोग की सहायक मोटर वाहन निरीक्षक भर्ती परीक्षा में 45 सवालों को ऑनलाइन वेबसाइटों से हूबहू नकल किए जाने की पुष्टि की है। एर्णाकुलम निवासी राहुल राज की शिकायत पर आयोग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ नया मामला दर्ज किया गया है। अनियमितताओं और गलत मूल्यांकन के कई अन्य मामलों में आयोग के शीर्ष अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है।
केरलम पुलिस की अपराध शाखा ने राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) की सहायक मोटर वाहन निरीक्षक भर्ती परीक्षा के 45 सवालों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री की पुस्तिकाओं से हूबहू नकल किया हुआ पाया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में एक नया मामला भी दर्ज किया गया है।
यह मामला शुक्रवार को एर्णाकुलम जिले के पेरुंबवूर निवासी राहुल राज की शिकायत पर केरल लोक सेवा आयोग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया गया। प्राथमिकी के अनुसार, कथित अनियमितताओं में निर्धारित शारीरिक मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले उम्मीदवारों को भी पात्र सूची में शामिल करना और आवेदन की अंतिम तारीख से पहले भर्ती अधिसूचना में निर्धारित योग्यताओं के अलावा दो अन्य पाठ्यक्रमों को भी पात्र योग्यता के रूप में जोड़ना शामिल है। प्राथमिकी में विशेष रूप से आरोप लगाया गया है कि परीक्षा के 45 सवाल ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने वाले मंचों, जिनमें ‘स्कमवेद ऑनलाइन स्टडी मटीरियल’ और ‘सैनफाउंड्री डॉट कॉम’ शामिल हैं, से हूबहू लिए गए थे।
प्राथमिकी में कहा गया है कि इन कथित अनियमितताओं के कारण दो सितंबर 2024 को जारी मेरिट सूची में अपात्र उम्मीदवारों का चयन हुआ और पात्र उम्मीदवारों को रोजगार के अवसरों से वंचित होना पड़ा। यह मामला भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इस बीच, अपराध शाखा ने मत्स्य विभाग में मत्स्य विस्तार अधिकारी के पदों पर भर्ती परीक्षा से जुड़े एक अन्य मामले में पीएससी के अध्यक्ष, सदस्यों और अधिकारियों को आरोपी बनाया है।
इस भर्ती के लिए अगस्त 2020 में अधिसूचना जारी की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि 28 अक्टूबर को दर्ज मामले में अपराध शाखा ने आरोप लगाया कि 28 नवंबर 2022 को जारी और 28 नवंबर 2025 तक वैध रही मेरिट सूची में केरल मत्स्य एवं समुद्री विज्ञान विश्वविद्यालय (केयूएफओएस) के उन उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाया गया, जो पीएससी अध्यक्ष, सदस्यों और माकपा समर्थक अधिकारियों के करीबी थे। इससे पात्र उम्मीदवार समान अवसर से वंचित हुए और भर्ती निकाय पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि अपराध शाखा ने खादी बोर्ड और ग्राम तेल निरीक्षक के पदों तथा राज्य योजना बोर्ड में भर्ती में कथित अनियमितताओं और भाई-भतीजावाद से जुड़े दो अन्य मामले भी दर्ज किए हैं। जांच में पाया गया कि अर्थशास्त्र के 10 वर्णनात्मक प्रश्नों के कुल 58 अंकों के उत्तरों का मूल्यांकन संबंधित परीक्षकों से नहीं कराया गया था। ऐसा ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में गड़बड़ी के कारण हुआ, जिससे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं हो सका।
शुरुआत में तीसरा स्थान हासिल करने वाले श्याम कृष्ण की शिकायत के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराया गया, जिसके बाद वह पहले स्थान पर आ गए। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में पहले स्थान पर रहे अरुण जे प्रदीप दोबारा मूल्यांकन के बाद पांचवें स्थान पर पहुंच गए। इसके बाद अपराध शाखा ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए पीएससी की ओर से आयोजित अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को भी इसमें शामिल कर लिया।
इस मामले में पीएससी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच दल ने आयोग के अध्यक्ष एम आर बैजू और अन्य सदस्यों से पूछताछ की।
अन्य न्यूज़













