G Kishan Reddy ने पूछा: क्या New York मेयर से मिलना चाहते थे रेवंत रेड्डी

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को नई दिल्ली में तेलंगाना के मुख्यमंत्री की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने रेवंत रेड्डी से स्पष्टीकरण मांगा कि क्या वह न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मिलने वाले थे, जिन पर भारत विरोधी बयानबाजी का आरोप है। इसके साथ ही उन्होंने यात्रा अनुमति न मिलने में राजनीतिक बदले के आरोपों को खारिज किया।
(फाइल फोटो के साथ जारी) हैदराबाद, 25 अगस्त केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को केंद्र की मंजूरी नहीं मिलने को लेकर विवाद के बीच मंगलवार को कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मिलने की योजना थी या नहीं। किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के ममदानी से मिलने की इच्छा संबंधी मीडिया खबरों का जिक्र करते हुए न्यूयॉर्क के मेयर पर भारत विरोधी विचार रखने और ‘‘भारत के खिलाफ जहर उगलने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘ममदानी ने न्यूयॉर्क में दिवाली जैसे स्थानीय समारोहों पर पाबंदियां लगाई हैं और वह पाकिस्तान का समर्थन करते हैं।’’ किशन रेड्डी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वह (ममदानी) मूर्ख व्यक्ति हैं, जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री की तुलना एक आतंकवादी से की थी।
क्या रेवंत रेड्डी ऐसे व्यक्ति से मिलना चाहते थे? रेवंत रेड्डी को बताना चाहिए कि वह उनसे क्यों मिलना चाहते थे।’’ केंद्रीय मंत्री ने राजनीतिक बदले संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की विदेश यात्रा से जुड़े नियम न तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बनाए हैं और न ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने। उन्होंने दावा किया कि विदेश मंत्रालय ने लंबे समय से लागू मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही काम किया है।
किशन रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस समेत पिछली सरकारों के समय भी मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राओं को मंजूरी नहीं दी गई थी और ऐसे फैसले प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 2005 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को अमेरिका यात्रा की अनुमति नहीं दी थी।’’ उन्होंने कहा कि केंद्र ने रेवंत रेड्डी की अमेरिका और ब्रिटेन यात्राओं को पहले मंजूरी दी है। किशन रेड्डी ने कहा कि उन्हें भी अलग-अलग मौकों पर रूस और अन्य देशों की यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई थी।
उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री अपनी विदेश यात्रा की मंजूरी के लिए विदेश मंत्री से मुलाकात करें या इस काम के लिए अधिकारियों को भेजें। हैदराबाद में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय लाने के रेवंत रेड्डी के प्रयासों को ‘‘केंद्र द्वारा बाधित करने’’ के आरोपों पर किशन रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले विद्यार्थियों की शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की लंबित राशि जारी करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से विद्यार्थियों के लिए कांग्रेस के चुनावी वादों को लागू करने का आग्रह किया जिनमें शिक्षा के लिए बजट का 15 प्रतिशत आवंटित करना, विद्यार्थियों को पांच लाख रुपये का कार्ड देना, कॉलेज जाने वाली छात्राओं को स्कूटी देना और प्रत्येक मंडल में एक ‘अंतरराष्ट्रीय स्कूल’ खोलना शामिल है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय जातिगत जनगणना में ‘तेलंगाना मॉडल’ अपनाने का सुझाव दिया था। किशन रेड्डी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के जाति आधारित सर्वेक्षण को ‘‘विफल’’ करार दिया। सिकंदराबाद से लोकसभा सदस्य किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि जाति आधारित सर्वेक्षण करने वाले कर्मी हैदराबाद में 20 प्रतिशत घरों तक भी नहीं पहुंचे।
किशन रेड्डी ने राहुल गांधी पर पिछले 12 वर्ष में सरकार की किसी भी पहल का समर्थन नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के प्रति बदले की भावना वाला रवैया अपनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी के कदम देश की विभिन्न व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाने वाले रहे हैं।’’ मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 25 अगस्त को अपनी अमेरिका यात्रा की अनुमति नहीं मिलने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तीखा हमला किया था। उन्होंने इस फैसले को ‘‘तानाशाहीपूर्ण’’ और राज्य की चार करोड़ जनता का अपमान बताया था।
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