Gurpreet Kaur को जवाब नहीं देंगे पूर्व जस्टिस Ranjit Singh, अदालत में रखेंगे तथ्य

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रंजीत सिंह ने चंडीगढ़ में कहा कि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस का कोई जवाब नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी से नहीं डरते और मामले से जुड़े सभी तथ्य सीधे अदालत के समक्ष रखेंगे। पंजाब मानवाधिकार संगठन के प्रमुख सिंह ने जोर दिया कि दुष्कर्म पीड़िता के अधिकारों की रक्षा और न्याय के लिए उनका संगठन सच के साथ खड़ा रहेगा।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रंजीत सिंह ने सोमवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर के उस कानूनी नोटिस का कोई जवाब नहीं देंगे, जो बलात्कार के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपों को लेकर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इसके बजाय वह अदालत के समक्ष तथ्य रखेंगे। सिंह ने यहां कहा, मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अभी तक मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है।
अगर इसे जारी किया गया है तो मैं डरा हुआ नहीं हूं। मैं उस नोटिस का जवाब नहीं दूंगा। जो भी अदालत जाना चाहता है, जा सकता है।
हम अदालत के सामने तथ्य रखेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर ने रविवार को उन आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया कि उन्होंने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की थी। उन्होंने ऐसे आरोप लगाने वालों को चुनौती दी कि वे या तो आरोपों को साबित करें या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करें।
गैर-सरकारी संगठन ‘पंजाब मानवाधिकार संगठन’ के प्रमुख एवं उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। हमारा संगठन अपना काम करता रहेगा। हम सच के साथ हैं।
हमने बताया था कि दुष्कर्म की एक पीड़िता के साथ अत्याचार हो रहा है और उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। हमने इसे अपना कर्मतव्य समझा कि इस बात को सबके सामने लाएं ताकि उसे न्याय मिल सके।
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