Gen Z पर BJP-RSS में मतभेद? दिपके बोले- मोहन भागवत आपके मेंटर हैं, उनकी बात सुनें

Abhijeet Dipke
ANI
अंकित सिंह । Aug 25 2026 1:49PM

अभिजीत दिपके ने बीजेपी और आरएसएस के बीच मतभेद का संकेत देते हुए कहा कि बीजेपी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बात नहीं सुन रही है। जहां भागवत जेन Z को देश-विरोधी नहीं मानते और उनकी चिंताओं को जायज ठहराते हैं, वहीं बीजेपी के कुछ नेता उन्हें 'वायरस' या 'देश-विरोधी' कहते हैं, जिससे पार्टी के भीतर युवा दृष्टिकोण पर विरोधाभास उजागर होता है। यह घटनाक्रम बीजेपी-आरएसएस संबंध और युवा राजनीति में बदलते समीकरणों पर सवाल खड़े करता है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सलाह मानना ​​बंद कर दिया है, जिससे केंद्र में सत्ताधारी पार्टी और उसकी वैचारिक मूल संस्था के बीच मतभेद का संकेत मिलता है। दिपके ने कहा कि कहीं न कहीं, बीजेपी ने (RSS प्रमुख) मोहन भागवत और RSS की बात सुनना बंद कर दिया है। एक तरफ, मोहन भागवत कहते हैं कि Gen Z देश-विरोधी नहीं है और उनकी चिंताएं जायज हैं, लेकिन दूसरी तरफ, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, जिन्हें कुछ महीने पहले ही नियुक्त किया गया था, कहते हैं कि हम एक वायरस हैं।

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अभिजीत दिपके ने आगे कहा कि मोहन भागवत आपके मार्गदर्शक हैं, आपको सबसे पहले उनकी बात सुननी चाहिए। यह आपके लिए अच्छा होगा। CJP के फाउंडर News24 के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, तभी उन्होंने ये बातें कहीं। बिना किसी का नाम लिए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12वें साल की ओर इशारा करते हुए दिपके ने कहा कि आप इतने बड़े हो गए हैं कि RSS की बात नहीं सुन रहे हैं? आपके 12 साल पूरे हुए हैं और नितिन नबीन तो बस एक-दो साल पहले ही आए हैं। आप एक अहम सीट हार गए।

वे बिहार के बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर से बीजेपी की हालिया चुनावी हार का ज़िक्र कर रहे थे। 6 अगस्त को भागवत ने 'जेन ज़ी' (Gen Z) समुदाय की जमकर तारीफ की – यह शब्द आम तौर पर 1997 और 2012 के बीच पैदा हुए लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस समुदाय ने इस साल कथित गड़बड़ियों के कारण NEET-UG पेपर रद्द होने के ख़िलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन करके सभी को हैरान और चकित कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन, जो शुरू में दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू होकर दूसरे शहरों तक फैला, आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर जाकर खत्म हुआ।

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बीजेपी पर निशाना साधते हुए दिपके ने कहा कि आप हमें देश-विरोधी, परजीवी और वायरस कह रहे थे। आप कहते हैं कि हम आतंकवादियों की 'बी-टीम' हैं। देश में यह सब क्या हो रहा है? उन्होंने आगे कहा कि क्या आपको लगता है कि सिर्फ़ आपके कहे पर चलने से ही यह साबित होगा कि हम अपने देश से प्यार करते हैं? यह मेरा देश है और मेरी अपनी राय है, आप मुझे कुछ बताने वाले कौन होते हैं? सरकार आपकी है, लेकिन देश नहीं। देश हमारा है।

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