Delhi Police ने 1.5 करोड़ रुपये के MDMA और कोकीन के साथ 4 तस्कर पकड़े

दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में ड्रग्स तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन नाइजीरियाई नागरिकों और एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 417 ग्राम एमडीएमए और 105 ग्राम कोकीन बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है। पुलिस के अनुसार आरोपी विदेशी नागरिक वैध वीजा के बिना अवैध रूप से भारत में रह रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में तीन नाइजीरियाई नागरिकों और दिल्ली के एक निवासी को गिरफ्तार किया है तथा उनके पास से 417 ग्राम एमडीएमए और 105 ग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी कुल कीमत 1.5 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी सहयोगियों के एक गिरोह के माध्यम से कथित तौर पर मादक पदार्थों की खरीद, भंडारण और आपूर्ति करते थे तथा थोक एवं खुदरा वितरण में शामिल थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान नाइजीरियाई नागरिकों नामदी ओसिता उर्फ जोहान पीटर (46), विक्टर ओकाफोरो (33) और ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट (32) तथा स्थानीय नागरिक अत्तर सिंह उर्फ लकी (23) के रूप में हुई है। तीनों विदेशी नागरिक और सिंह दिल्ली के नीलोठी इलाके में रहते हैं। अधिकारी ने कहा कि 25 सितंबर को एक पुलिस टीम को सूचना मिली कि पीटर पूरे दिल्ली-एनसीआर में कोकीन और एमडीएमए की आपूर्ति करता है तथा चंद्र विहार में शुक्र बाजार रोड के पास मादक पदार्थों को पहुंचाने आएगा।
उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम मौके पर पहुंची और पीटर तथा उसके दो सहयोगियों ओकाफोरो और अर्नेस्ट को पकड़ लिया। अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान, टीम ने पीटर और ओकाफोरो के पास से क्रमशः 55 ग्राम और 301 ग्राम एमडीएमए बरामद किया, जबकि अर्नेस्ट के पास से 105 ग्राम कोकीन जब्त की गई। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पीटर और अर्नेस्ट ने सिंह के साथ अपने संबंधों का खुलासा किया, जिसके बाद सिंह को नीलोठी स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने उसके कब्जे से 61 ग्राम और एमडीएमए बरामद किया। इस संबंध में अपराध शाखा थाने में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों विदेशी भारत में रहने के लिए वैध वीजा प्रस्तुत करने में नाकाम रहे जिसके बाद प्राथमिकी में आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 की धाराएं भी जोड़ी गईं।
अधिकारी ने कहा कि पीटर 2013 में पर्यटन वीजा पर भारत आया था और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहा था, जबकि अर्नेस्ट 2016 में कारोबारी वीजा पर आया था और ओकाफोरो 2020 में चिकित्सा वीजा पर आया था। पुलिस ने बताया कि इन तीनों विदेशी नागरिकों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में पूर्व में एनडीपीएस के तहत मामले दर्ज थे। पुलिस ने कहा कि सिंह व्यक्तिगत उपभोग के लिए मादक खरीदता था और इसी दौरान इन तीनों के संपर्क में आया था और बाद में पैसा कमाने के लिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने लगा।
पुलिस ने कहा कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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