UP MLC Election: 11 में से 5 सीटें जीतकर सपा मजबूत, Akhilesh बोले- 2027 की नींव तैयार

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव नतीजों के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा को फ्लॉप शो करार दिया। उन्होंने कहा कि इन परिणामों ने 2027 के विधानसभा चुनावों की नींव रख दी है। यादव ने दावा किया कि भाजपा की नीतियों से पीड़ित होकर शोषित वर्ग अब सपा के पीडीए एजेंडे के साथ एकजुट हो चुका है।
विधान परिषद चुनावों के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा एक फ्लॉप शो बन गई है और विधान परिषद चुनावों के नतीजों ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की नींव रख दी है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों (5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों) के लिए हुए चुनाव, जिन्हें राज्य विधानसभा चुनावों से पहले एक राजनीतिक सेमी-फाइनल के रूप में देखा जा रहा था, में सत्ताधारी भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इन 11 सीटों में से भाजपा ने 6 सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने इस नतीजे को डबल इंजन की डबल हार करार दिया और वाराणसी में भाजपा तथा उसके सहयोगियों की हार को रेखांकित किया। यादव ने लिखा, "प्रिय मतदाताओं, भाजपा एक 'फ्लॉप शो' बन गई है। वाराणसी में भाजपा पहले 'काउंटिंग' में हारी, फिर 'री-काउंटिंग में भी हार गई। यानी वोटों की गिनती दो बार हुई और दोनों ही बार भाजपा और उसके सहयोगी हार गए। यह 'डबल इंजन' की 'डबल हार' है।" परिषद चुनाव के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए सपा प्रमुख ने कहा, "विधान परिषद चुनावों में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों की पटकथा लिख दी है। एक तरफ, यह भाजपा की 'शिक्षक, छात्र और शिक्षा' विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ, शिक्षित 'बेरोजगार स्नातकों' ने भी अपना फैसला सुना दिया है।
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सत्ताधारी दल पर विभिन्न समुदायों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए यादव ने दावा किया कि शोषित वर्ग उनकी पार्टी के PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे के समर्थन में एकजुट हो गया है। उन्होंने कहा, "भाजपा ने जिस तरह से हर समुदाय को 'पीड़ित, दुखी और अपमानित' किया है, उसने सभी शोषितों को एक साथ ला खड़ा किया है। अब PDA का जनाधार 95% तक पहुंच गया है, क्योंकि 'जो भी पीड़ित है, वही PDA है'!" उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि चुनाव नतीजों ने भाजपा के भीतर एक आंतरिक संकट पैदा कर दिया है, और पार्टी को भविष्य के चुनावों के लिए उम्मीदवार खोजने में संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "इससे भाजपा के भीतर अपने अस्तित्व को लेकर संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि पार्टी के अंदर हर कोई जानता है कि जिन सीटों पर भाजपा जीती भी है, वहां भी धांधली की गई थी। भाजपा के अंदरूनी कलह ने 'डबल इंजन' के टकराव को और बढ़ा दिया है। यही वजह है कि भाजपा उम्मीदवारों ने विधानसभा चुनाव लड़ने का साहस पूरी तरह खो दिया है।" सत्ताधारी दल पर तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा, "भाजपा, जो अब तक उम्मीदवारों के लिए सर्वे करवा रही थी, वह अब दूरबीन से उम्मीदवार ढूंढ रही है, लेकिन कहीं कोई नजर नहीं आ रहा। भाजपा की टिकट खिड़की खाली है।
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यादव ने पूरे राज्य के मतदाताओं और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और मतगणना के दौरान उनकी सतर्कता की सराहना की। उन्होंने कहा, "इस हौसला बढ़ाने वाली जीत के लिए, हम यूपी के सम्मानित शिक्षकों और अपने भविष्य को लेकर चिंतित युवाओं का दिल से आभार जताते हैं। उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे 'PDA प्रहरियों' के साथ मिलकर पूरी सतर्कता बरती और प्रमाण पत्र मिलने तक डटे रहे।" उन्होंने उन पार्टी उम्मीदवारों का भी समर्थन किया जो चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण सफल नहीं हो सके। यादव ने कहा, "हम अपने सभी जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई देते हैं, और उन उम्मीदवारों को भी, जिन्हें धोखे और धांधली से हराया गया। असल में, हमारा कोई भी उम्मीदवार हारा नहीं है; वे बस BJP की छेड़छाड़ के आगे जीत नहीं पाए। हम उनका भी उतना ही सम्मान करते हैं। हमारे लिए, वे बिना प्रमाण पत्र के भी विजेता हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यही सतर्कता और एकता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए एक 'निर्णायक आधार' बनेगी। एक बार फिर, सभी मतदाताओं को दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद!
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