कर्नाटक की Gruha Lakshmi Scheme में बड़ा बदलाव, 1.24 करोड़ लाभार्थियों का होगा Face Recognition सत्यापन

कर्नाटक सरकार ने गृह लक्ष्मी योजना की जवाबदेही बढ़ाने हेतु 1.24 करोड़ लाभार्थियों के अनिवार्य पुन: सत्यापन का आदेश दिया है, जो बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन तकनीक के माध्यम से किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य कर भुगतान करने वाले और अपात्र लोगों की पहचान कर सरकारी खजाने पर बढ़ते वित्तीय बोझ को संतुलित करना है।
कर्नाटक में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने वाली गृह लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों की अब दोबारा जांच होने जा रही है। राज्य सरकार ने पात्र लाभार्थियों की पहचान और अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने के लिए जैविक पहचान और चेहरे की पहचान के जरिए सत्यापन कराने का फैसला किया है। यह अभियान 30 अगस्त से शुरू होकर एक महीने में पूरा किया जाना है।
सरकार ने 28 अगस्त को इस संबंध में प्रशासनिक मंजूरी दी थी। अधिकारियों के मुताबिक, घर-घर जाकर लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम वन, कर्नाटक वन, बेंगलुरु वन और बापूजी सेवा केंद्रों पर भी सत्यापन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक नागरिक सेवा निदेशालय की ओर से तैयार वेब और मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से संचालित की जाएगी।
सरकारी आदेश के मुताबिक, इस अभियान पर अधिकतम 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा मंजूर मानक संचालन प्रक्रिया के तहत होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग को अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ई-शासन विभाग तकनीकी और संचालन संबंधी सहायता उपलब्ध कराएगा।
सत्यापन के दौरान कर्मचारियों को लाभार्थियों के घर जाना अनिवार्य होगा। वहां उन्हें छपे हुए विवरण पत्र दिए जाएंगे, जिन्हें भरकर वापस करना होगा। यदि लाभार्थी घर पर मौजूद नहीं है तो परिवार का कोई अन्य सदस्य उसकी ओर से विवरण भर सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी दूसरे माध्यम से जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद घर का दौरा और विवरण पत्र का वितरण एवं संग्रह टाला नहीं जा सकेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सत्यापन करने वाले कर्मचारियों को गांव और शहरी क्षेत्र के हिसाब से तैयार लाभार्थियों की सूची मोबाइल अनुप्रयोग में उपलब्ध कराई जाएगी। घर पहुंचने पर लाभार्थी के नाम के सामने उसकी तस्वीर दर्ज की जाएगी और उसके निवास स्थान का स्थान-निर्धारण भी अपने आप दर्ज होगा।
यदि किसी लाभार्थी के घर पहुंचने के समय वह मौजूद नहीं है और चेहरे की पहचान पूरी नहीं हो पाती है, तो उसे अलग-अलग माध्यमों से सूचना दी जाएगी। ऐसे लाभार्थी अपने निर्धारित उचित मूल्य की दुकान या नजदीकी कर्नाटक वन, ग्राम वन अथवा बेंगलुरु वन केंद्र पर जाकर जैविक पहचान के जरिए सत्यापन पूरा कर सकेंगे। सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों पर पहले से एकत्र पहचान संबंधी आंकड़ों का भी इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है।
बता दें कि गृह लक्ष्मी योजना कांग्रेस सरकार की पांच प्रमुख गारंटियों में शामिल है। इसके तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना की शुरुआत अगस्त 2023 में हुई थी। छह जून 2023 के सरकारी आदेश और 17 जुलाई 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर इसे लागू किया गया था।
सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद अब तक 1.24 करोड़ लाभार्थियों को 32 किस्तों में सहायता दी जा चुकी है और इस पर 76,951.13 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है या वे दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। इसके अलावा कुछ लाभार्थियों या उनके पतियों द्वारा आयकर और माल एवं सेवा कर का विवरण दाखिल करना शुरू करने के मामले भी सामने आए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने सभी पंजीकृत लाभार्थियों का नए सिरे से सत्यापन जरूरी माना है।
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