असम में बुनियादी ढांचे के विकास पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी राज्य सरकार

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असम मंत्रिमंडल ने रविवार को गुवाहाटी में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की व्यापक योजना को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि यह भारी निवेश अगले पांच वर्षों की अवधि में विभिन्न विकास कार्यों पर किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने राशन कार्ड धारकों को सस्ती दाल व चीनी देने और बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता पहुंचाने का भी फैसला किया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। हिमंत ने गुवाहाटी में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह निवेश प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, चाय बागान श्रमिकों के लिए आवास, बिजली, सड़क, महिला बाजार और छात्रावास के साथ-साथ बाढ़-रोधी तटबंध के विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने कामरूप मेट्रोपॉलिटन और नगांव जिले में औद्योगिक क्षेत्र और ‘लैंड बैंक’ विकसित करने के लिए उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग को 1,174 बीघा जमीन आवंटित करने को भी मंजूरी दे दी है।

हिमंत ने बताया कि राज्य सरकार धेमाजी जिले के रंगाजन गांव में दुग्ध परियोजना शुरू करने के लिए पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग को 27 बीघा जमीन भी देगी। उन्होंने कहा कि असम में व्यापार सुगमता बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने ‘असम व्यापार वस्तु (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) (संशोधन) आदेश, 2026’ को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पेट्रोलियम उत्पादों के लिए खुदरा बिक्री लाइसेंस की जरूरत को खत्म कर दिया गया है। हिमंत ने बताया कि मंत्रिमंडल ने असम की औद्योगिक और निवेश नीति, 2019 में एक संशोधन को भी स्वीकृति दे दी है, ताकि असम वाहन स्क्रैपेज नीति, 2022 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन के लिए ‘पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं’ को एक योग्य औद्योगिक गतिविधि के तौर पर शामिल किया जा सके।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने चाय बागानों या चाय की जमीन का बाजार मूल्य निर्धारित करने के लिए ‘वन-टाइम विंडो’ की अवधि बढ़ा दी है, जिसका इस्तेमाल हस्तांतरण विलेख पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की गणना के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सोनितपुर जिले के तेजपुर में फर्मबॉक्स बायो प्राइवेट लिमिटेड की 300 करोड़ रुपये की परियोजना और ग्वालपाड़ा जिले के राख्यासिनि जंगल ब्लॉक में 30 मेगावाट सौर ऊर्जा और 25 मेगावाट बैटरी ऊर्जा संरक्षण प्रणाली वाली एकीकृत परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड धारकों को मसूर की दाल 70 रुपये प्रति किलो और चीनी 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध कराई जाएगी।

हिमंत ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित शिवसागर और चराइदेव जिले में अरुणोदय योजना के लाभार्थियों को इस महीने सामान्य ₹1,250 रुपये के बजाय ₹2,000 की आर्थिक मदद मिलेगी, जबकि दूसरे जिलों के लाभार्थियों को ₹1,200 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित बाकी परिवारों को एक सितंबर को 15,000 रुपये की शुरुआती राहत राशि देगी।

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