Cyclone Arnab: चंद्रबाबू नायडू ने अमित शाह को लिखा पत्र, नुकसान के आकलन के लिए मांगा केंद्रीय दल

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात ‘अर्नब’ से तटीय जिलों में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से एक दल भेजने का आग्रह किया है। गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में उन्होंने एनडीआरएफ की सहायता जारी रखने की अपील करते हुए बताया कि राज्य में 70,900 हेक्टेयर से अधिक फसलें जलमग्न हो गई हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की सहायता जारी रखने तथा चक्रवात ‘अर्नब’ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय दल भेजने का अनुरोध किया। केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में नायडू ने केंद्र की ओर से मिल रही सहायता के लिए आभार जताया और आने वाले दिनों में बारिश तथा बाढ़ की स्थिति पर करीबी नजर रखने का आश्वासन दिया। नायडू ने पत्र में लिखा, ‘‘आने वाले दिनों में जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की सहायता जारी रखी जाए।

राज्य सरकार की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन सौंपे जाने के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए जल्द से जल्द एक केंद्रीय दल भेजने पर विचार किया जाए।’’ प्रारंभिक आकलन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि करीब 80 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से अधिकतर कोनसीमा जिले में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य की सड़कों पर 220 से अधिक पेड़ गिर गए, जिनमें से 170 से ज्यादा को हटाया जा चुका है। तटीय जिलों के कुछ हिस्सों में सड़कों की सतह को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें मिली हैं।

बहाली दल काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण 70,900 हेक्टेयर में लगी फसलें जलमग्न हो गईं। इनमें मुख्य रूप से धान की फसल शामिल है। इसके अलावा 10,450 हेक्टेयर में बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

नायडू के अनुसार, चक्रवात का असर मुख्य रूप से गोदावरी डेल्टा के तटीय क्षेत्र में स्थित कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी जिलों के अलावा कृष्णा और अनकापल्ली जिलों में केंद्रित है। विशाखापत्तनम शहर के चार वार्डों में जलभराव हुआ। इसके बाद अग्निशमन सेवाओं को 220 से अधिक आपातकालीन फोन कॉल प्राप्त हुए।

इनमें ज्यादातर पेड़ों को हटाने और बचाव कार्यों से संबंधित थीं। नायडू ने कहा, हमारी तत्काल प्राथमिकता बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल करना, सड़कों से मलबा हटाना, प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखना और विस्थापित परिवारों की सहायता करना है। उन्होंने जोर दिया कि बारिश और तूफान का खतरा कम होने तक आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तैनात रहेंगे।

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