Kotia विवाद: BJD ने PM Modi से हस्तक्षेप की मांग की, Odisha सरकार को घेरा

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आंध्र प्रदेश द्वारा कोटिया के विवादित गांवों में तीन नवंबर को पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद बीजद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से दखल देने का आग्रह किया है। पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से इस मुद्दे को सीधे प्रधानमंत्री के समक्ष उठाने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सरकार सीमा क्षेत्र में आंध्र प्रदेश के दखल को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।

आंध्र प्रदेश द्वारा विवादित कोटिया गांव समूह में तीन नवंबर को पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। बीजद के वरिष्ठ नेताओं प्रदीप माझी और भृगु बक्सीपात्रा ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह मांग रखी। यह संवाददाता सम्मेलन जटनी में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ‘डेटा सेंटर’ और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री के राज्य में आगमन से ठीक कुछ घंटे पहले हुआ।

प्रदीप माझी ने कहा, “बीजद का सुझाव है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी प्रधानमंत्री से कोटिया मुद्दे में हस्तक्षेप करने और इसे सुलझाने का अनुरोध करें।” बीजद नेताओं ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री इस मुद्दे को लेकर वास्तव में चिंतित हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष इस मामले को उठाना चाहिए। विपक्षी दल के नेताओं ने राज्य की “डबल-इंजन” सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार “ओडिशा के सीमा क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने के आंध्र प्रदेश के अनुचित प्रवेश को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।” बक्सीपात्रा ने कहा, “यदि आंध्र प्रदेश तीन नवंबर को कोटिया के गांवों में पंचायत चुनाव कराता है, तो इसके लिए बीजद मुख्यमंत्री को ही जिम्मेदार ठहराएगी। इन चुनावों का होना राज्य की सीमाओं की सुरक्षा की करने में मुख्यमंत्री माझी की विफलता मानी जाएगी।”

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