असम में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2021 से अब तक 26500 से अधिक गिरफ्तार

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि असम में 2021 से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 3,253 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि म्यांमा से मिजोरम और मणिपुर के रास्ते आने वाले नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए केंद्र और असम पुलिस लगातार संस्थागत कार्रवाई कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि 2021 से अब तक पूरे असम में 26,500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3,253 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किये गए। उन्होंने कहा कि भारी मात्रा में मादक पदार्थ म्यांमा से आते हैं और मिजोरम व मणिपुर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए असम में दाखिल होते हैं, ताकि उन्हें भारत के बाकी हिस्सों में आगे वितरित किया जा सके। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “2021 से, हमारे मिशन ‘मादक पदार्थ के खिलाफ असम’ पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करते हुए, हमारी पुलिस और सहयोगी एजेंसियों ने मादक द्रव्यों के व्यापार के खिलाफ लगातार और रोजाना लड़ाई लड़ी है।
आंकड़े अपनी कहानी खुद बयां करते हैं - इस अभियान के शुरू होने के बाद से 3,253 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं और 26,500 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।” उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों की संख्या 2021 में 4,175 से बढ़कर 2025 में 4,901 हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई एक बार चलाया गया अभियान नहीं, बल्कि मादक पदार्थों के खिलाफ “लगातार और संस्थागत लड़ाई” है। असम में भाजपा के लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के बाद, 2021 में शर्मा पहली बार मुख्यमंत्री बने।
मादक पदार्थों की तस्करी के रास्ते और उनके स्रोत के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “असम की भौगोलिक स्थिति चुनौतीपूर्ण है - यह म्यांमा से आने वाले मादक पदार्थों के लिए एक आवाजाही का रास्ता है, जो मिजोरम और मणिपुर से होते हुए देश के भीतरी इलाकों तक पहुंचता है।” उन्होंने कहा कि सरगना अक्सर देश की सीमाओं के बाहर से काम करते हैं, और इसीलिए यह लड़ाई अकेले असम की नहीं हो सकती। शर्मा ने कहा, “यहीं पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और केंद्र के मजबूत समर्थन ने असल फर्क डाला है - म्यांमा के साथ बेहतर तालमेल, राज्यों की सीमाओं पर कड़ी निगरानी, खुफिया सूचनाओं की बेहतर साझेदारी और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से हमारे बल खेप को आगे वितरित होने से पहले ही रोक पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि असम पुलिस ने अकेले काम नहीं किया है, बल्कि मादक पदार्थ की समस्या को खत्म करने के राष्ट्रीय संकल्प के हिस्से के तौर पर काम किया है।
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