Kolkata भगदड़: Abhishek Banerjee ने पूजा आयोजकों की हिरासत और पूछताछ की मांग की

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तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता के चोरबागान में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ मामले में पूजा समिति के शीर्ष पदाधिकारियों की हिरासत की मांग की है। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी और बनर्जी ने निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आयोजन से जुड़े प्रमुख नामों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने 17 अक्टूबर को यहां भगदड़ की घटना में 19 लोगों की मौत के मामले में चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के शीर्ष पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की बृहस्पतिवार को मांग की। बनर्जी ने कहा कि घटना को 12 दिन बीत चुके हैं और जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आयोजकों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में भाजपा विधायक विजय ओझा, मुख्य सलाहकार के रूप में भाजपा के जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष और मुख्य संरक्षक के रूप में देवदीप अधिकारी के नाम सामने आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि इनकी भूमिका की जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है और इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया या पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया गया। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं राजनीतिक संबंध जांच को प्रभावित तो नहीं कर रहे हैं।

बनर्जी ने कहा कि इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी ‘‘कुछ छोटे लोगों को गिरफ्तार’’ करके नहीं टाली जा सकती। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी तरह के प्रभाव से मुक्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में चोरबागान सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजन से जुड़े सभी पहलुओं, निर्णय लेने की प्रक्रिया और पंडाल के अंदर तथा आसपास सुरक्षा व्यवस्था को शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर कोलकाता की एक संकरी गली में स्थित होने के बावजूद इस आयोजन में हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक प्रभाव किसी को कानून से ऊपर नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि आरोपियों को अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके बचाने की कोशिश करने वालों को याद रखना चाहिए कि उनका रसूख हमेशा नहीं रहेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभाव या जांच में लापरवाही के कारण किसी को बचाया गया, तो संबंधित लोगों को भविष्य में इसका जवाब देना पड़ सकता है और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। भगदड़ में मारे गए 19 लोगों के लिए न्याय की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि या तो कानून के मुताबिक कदम उठाए जाएं या फिर कार्रवाई नहीं करने वालों को कानून के कड़े सवालों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की जांच करने और उचित सिफारिशें देने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती की अध्यक्षता में छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है।

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