Abhijit Deepke का बयान, सीमित संसाधनों के बावजूद हर अन्याय के खिलाफ खड़ी रहेगी कॉजपा

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर रुख साफ करते हुए लोगों से थोड़ा समय देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई और संसाधनों की कमी के बावजूद पार्टी पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बृहस्पतिवार को अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले सभी लोगों को समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने के लिए कॉजपा को समय देने का आग्रह किया। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि कॉजपा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले सभी लोगों के साथ खड़ी है।
इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई के दिवंगत छात्र साहिल वाकोडे का परिवार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थिति को लेकर चिंता जताने वाले लोग और महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के लिए भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य में पेड़ों की कटाई का विरोध करने वाले लोग शामिल हैं। दीपके ने कहा कि तीन-चार महीने पहले बने संगठन के पास सीमित संसाधन हैं। इसके नेताओं और स्वयंसेवकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी हो रही है, जिससे संगठन के लिए उभरते मुद्दों पर तुरंत प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो रहा है।
दीपके ने कहा, ‘‘मैं आप सभी की कई टिप्पणियां पढ़ रहा हूं, जिनमें आप पूछ रहे हैं कि कॉजपा साहिल वाकोडे के बारे में क्यों नहीं बोल रही है? जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जो हो रहा है, उस पर कॉजपा चुप क्यों है? केरल में चल रहे शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन पर कॉजपा कुछ क्यों नहीं कह रही है?
भीमाशंकर में जो हो रहा है, उस पर आप चुप क्यों हैं?’’ दीपके ने कहा कि उन्होंने वाकोडे के मामले और उनके माता-पिता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बारे में बात की है। उन्होंने कहा कि छात्र की आत्महत्या कोई अकेली घटना नहीं थी, क्योंकि ‘‘आईआईटी में वंचित पृष्ठभूमि के कई छात्रों ने आत्महत्या की है और हमने इस बारे में भी बात की है।’’ उन्होंने कहा कि कॉजपा ने जामिया मिल्लिया और भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े घटनाक्रमों पर भी प्रतिक्रिया दी है और इस संबंध में बयान जारी किया है। दीपके ने कहा, ‘‘अगर हम किसी मुद्दे पर तुरंत नहीं बोल पा रहे हैं, तो कृपया हमें थोड़ा समय दें।’’ उन्होंने बताया कि पिछले 10-12 दिनों में उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा, जबकि कॉजपा के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास आठ दिन जेल में रहे।
उन्होंने कहा कि पार्टी के सैकड़ों स्वयंसेवकों को भी हिरासत में लिया गया। दीपके ने कहा कि कॉजपा दशकों पुराना संगठन नहीं है, जिसके पास व्यापक संसाधन हों। उन्होंने कहा कि कॉजपा अपना दायरा बढ़ाने के लिए जनता के समर्थन पर निर्भर है।
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