अमेरिका-कनाडा और यूरोप में भारतीय गैंगस्टर्स पर बड़ा एक्शन, हत्या, जबरन वसूली और ड्रग्स से जुड़े आरोपों में चार्जशीट दाखिल

Lawrence
ANI
अभिनय आकाश । Jul 9 2026 1:25PM

अमेरिकी ग्रैंड जूरी ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों पर हत्या, रंगदारी और ड्रग्स तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में चार्जशीट दाखिल की है, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। चार्जशीट के अनुसार, बिश्नोई जेल से ही अमेरिका, कनाडा और यूके सहित कई देशों में फैले अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध के खिलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई में, अमेरिकी ग्रैंड जूरी ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग के सदस्यों के खिलाफ़ आरोप पत्र (इंडिक्टमेंट) दायर किया है। उन पर हत्या, जबरन वसूली, गोलीबारी, ड्रग तस्करी, अपहरण और मानव तस्करी जैसे अपराधों में शामिल एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को चलाने का आरोप है। चार्जशीट के अनुसार, बिश्नोई जेल से ही गैंग चलाता रहा और गतिविधियों को संचालित करने के लिए मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट-आधारित कॉलिंग सेवाओं का इस्तेमाल करता था। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि उसका नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ था और वह अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में सक्रिय था।

आम लोगों में डर फैलाना

आरोप है कि इस गैंग ने सोशल मीडिया पर हिंसक घटनाओं की ज़िम्मेदारी लेकर डर का माहौल बनाया और साथ ही अमीर व्यापारियों और मशहूर हस्तियों से पैसे ऐंठने के लिए उन्हें धमकाया और डराया-धमकाया। जांच करने वालों का आरोप है कि गैंग ने WhatsApp मैसेज और वॉयस नोट के ज़रिए जान से मारने की धमकी दी और करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी। गैंग पर सीमा-पार नशीले पदार्थों का नेटवर्क बनाने का भी आरोप है, जिसके ज़रिए वे अमेरिका और कनाडा में कोकीन, हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करते थे। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि गैंग न सिर्फ़ सीधे तौर पर ड्रग्स की तस्करी करता था, बल्कि दूसरे तस्कर समूहों से भी नशीले पदार्थ ज़बरदस्ती ले लेता था और मुनाफ़े के लिए उन्हें आगे बेच देता था।

पंजाब के युवाओं को गैंग में शामिल करना

आरोप है कि गैंग ने पंजाब के गरीब और कम उम्र के युवाओं को पैसे और शोहरत का लालच देकर अपने साथ जोड़ा। जांच के मुताबिक, गैंग के सबसे भरोसेमंद सदस्यों को बाद में अमेरिका और कनाडा भेजा गया। चार्जशीट में गोल्डी बरार, रोहित गोदारा और दूसरे साथियों का भी नाम है, जो कथित तौर पर विदेश में गैंग की गतिविधियों को संभालते थे। अमेरिकी एजेंसियों ने गुप्त मुखबिरों और अंडरकवर ऑपरेशन के ज़रिए इस कथित रंगदारी और ड्रग नेटवर्क का पर्दाफ़ाश किया। चार्जशीट में अमेरिका, कनाडा और यूके में व्यापारियों से लाखों डॉलर की रंगदारी का भी ज़िक्र है, जिससे पता चलता है कि गैंग का आपराधिक कारोबार बड़े पैमाने पर एक ग्लोबल रैकेट बन चुका था।

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