Hormuz Strait में बढ़ा तनाव, Drone Attack के बाद UN ने जहाजों की निकासी रोकी

ओमान तट के पास एक जहाज पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निकासी रोक दी है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने सुरक्षा सुनिश्चित होने तक अभियान रोकने का फैसला किया है, यह घटना ईरान द्वारा जहाजों को दी गई चेतावनी के बाद हुई।
संयुक्त राष्ट्र की एक समुद्री एजेंसी ने ओमान के तट के पास एक जहाज को निशाना बनाए जाने की जानकारी मिलने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को निकालने का काम रोक दिया है। ब्रिटिश सेना ने एक बयान जारी कर जहाज को निशाना बनाए जाने के बारे में जानकारी दी थी। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के प्रमुख ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकालने का काम तब तक रुका रहेगा, जब तक एजेंसी निकासी सूची में शामिल और उस इलाके में मौजूद जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर लेती।
इससे कुछ घंटे पहले ईरान ने जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे उसकी मंजूरी के बिना, होर्मुज जलडमरूमध्य से जाने वाले मार्ग का इस्तेमाल न करें। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के महासचिव आर्सेनियो डोमिनग्वेज ने कहा कि जिस जहाज पर हमला किया गया, वह निकाले जाने वाले जहाजों में शामिल नहीं था। अमेरिका के एक अधिकारी ने ‘द एसोसिएटिड प्रेस’ को बताया कि ईरान के एक ड्रोन से जहाज पर हमला किया गया। उन्होंने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि मालवाहक पोत ‘ऐवर लवली’ को ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड के एक ड्रोन से निशाना बनाया गया था।
जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए हाल में स्थापित ईरान की सरकारी एजेंसी ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ ने हमले की खबरों के बाद ‘एक्स’ पर लिखा कि उसके निर्धारित मार्गों के बाहर से निकलने पर सुरक्षित निकासी की गारंटी नहीं रहेगी। संयुक्त राष्ट्र समुद्री व्यापार परिचालन केंद्र ने बताया कि जहाज को क्षति पहुंची है, लेकिन उसने किसी के हताहत होने या ओमान तट के पास हमले से किसी तरह के पर्यावरण संबंधी प्रभावों की कोई खबर नहीं दी है।
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