Lenin Moreno को रिश्वत मामले में 5 साल की सजा, Ecuador कोर्ट का आदेश

इक्वाडोर की एक अदालत ने एक चीनी कंपनी से घूस लेने के जुर्म में पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को पांच वर्ष के कारावास का दंड सुनाया है। शारीरिक रूप से चलने में असमर्थ होने के कारण 73 वर्षीय मोरेनो को जेल भेजने के स्थान पर उनके घर में ही नजरबंद रखा जाएगा। अदालत ने उनके उपराष्ट्रपति रहते हुए पनबिजली संयंत्र ठेके में हुए इस भ्रष्टाचार में उनकी पत्नी और बेटी को भी दोषी ठहराया है।
इक्वाडोर की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को एक चीनी कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए शुक्रवार को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मोरेनो पर आरोप था कि उन्होंने एक पनबिजली संयंत्र के निर्माण का ठेका हासिल करने में कंपनी की मदद करने के बदले रिश्वत ली थी।
इसे भी पढ़ें: KPSC Scam | कर्नाटक सरकार का पूरा 'तंत्र' भ्रष्टाचार में शामिल, Pralhad Joshi ने Congress पर साधा तीखा निशाना
सजा सुनाए जाने के समय 73 वर्षीय मोरेनो अदालत में मौजूद थे। वह दिव्यांग हैं और चलने में असमर्थ हैं, इसलिए उन्हें जेल भेजने के बजाय घर में नजरबंद रखा जाएगा और वह अपनी सजा वहीं पूरी करेंगे। अदालत ने मोरेनो को उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान रिश्वतखोरी में सीधे तौर पर शामिल होने का दोषी पाया।
उस समय राफेल कोरेया देश के राष्ट्रपति थे और मोरेनो उपराष्ट्रपति थे। अदालत ने इस मामले में मोरेनो की पत्नी और बेटी, दो भाइयों तथा एक रिश्तेदार को भी सह-साजिशकर्ता के रूप में दोषी ठहराया। उनकी पत्नी और बेटी को 30-30 महीने के कारावास की सजा सुनाई गई है।
इसे भी पढ़ें: भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी के नोटिस के बाद Malaysia के पूर्व PM इस्माइल साबरी याकूब पर आपराधिक मामला दर्ज
मोरेनो इक्वाडोर के तीसरे पूर्व राष्ट्रपति हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के मामले में सजा सुनाई गई है। हालांकि, उनके खिलाफ जिन अपराधों को लेकर मुकदमा चलाया गया, वे उनके राष्ट्रपति बनने से पहले उपराष्ट्रपति के कार्यकाल से संबंधित हैं।
अन्य न्यूज़














