Lahore Airport पर रोके गए UK के पार्षद दालत अली, इमिग्रेशन लिस्ट में डाला नाम

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अभिनय आकाश । Oct 30 2026 12:59PM

पाकिस्तान ने कश्मीर समर्थक ब्रिटिश लेबर काउंसलर दालत अली को हिरासत में लेने के बाद लाहौर हवाई अड्डे पर ब्रिटेन लौटने से रोक दिया। उनका नाम इमिग्रेशन कंट्रोल लिस्ट में डाला गया है। रोचडेल काउंसिल ने इसे उनकी कश्मीर सक्रियता से जुड़ा मामला बताया है, वहीं ब्रिटिश सांसद इस पर सरकार से दखल देने की मांग कर रहे हैं।

पाकिस्तान ने ब्रिटिश लेबर काउंसलर दालत अली को हिरासत में ले लिया था, जो कश्मीरियों के समर्थन में अभियान चलाते रहे हैं। रिहा होने के बाद, 28 अक्टूबर को जब वे वापस UK लौटने के लिए लाहौर हवाई अड्डे पर फ्लाइट में सवार होने जा रहे थे, तो उन्हें कथित तौर पर रोक दिया गया। रोचडेल बरो काउंसिल के डिप्टी लीडर अली को बताया गया कि उनका नाम इमिग्रेशन कंट्रोल लिस्ट में है। अली, रोचडेल के मेयर फैसल राणा के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पंजाब के साहीवाल शहर जा रहे थे। साहीवाल और रोचडेल के बीच 1998 से ही एक विशेष जुड़ाव (ट्विन सिटी संबंध) है। UK की रोचडेल काउंसिल को शक है कि उन्हें हिरासत में लिए जाने का संबंध कश्मीर को लेकर उनकी सक्रियता से है। अली को पहली बार हिरासत में लिए जाने की बात 28 अक्टूबर को 'मैनचेस्टर इवनिंग न्यूज़' की एक रिपोर्ट में सामने आई। एक दिन बाद, जम्मू से प्रकाशित 'कश्मीर टाइम्स' ने खबर दी कि अली को पाकिस्तान से बाहर जाने से भी रोका गया था। ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद इमरान हुसैन ने उनके साथ हुए इस बर्ताव को लेकर मंत्रियों से दखल देने की मांग की है।

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भारतीय मानवाधिकार कार्यकर्ता अज़हर अहमद ने इस हिरासत पर सवाल उठाए और कहा कि इससे पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की आज़ादी और राजनीतिक डराने-धमकाने को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। उन्होंने ब्रिटेन सरकार से आग्रह किया कि वह पाकिस्तानी अधिकारियों से इस मामले पर पूरी स्पष्टीकरण मांगे। अपनी लेखनी में दालात अली ने पाकिस्तान को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में एक कब्ज़ा करने वाली ताकत के रूप में बताया है। अली के खिलाफ यह कार्रवाई POK में महीनों से चल रहे जोरदार विरोध-प्रदर्शनों के बीच हुई है। इन प्रदर्शनों में दर्जनों लोग मारे गए हैं, इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है। पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया पर भी पाबंदियां लगा दी हैं, जिसके तहत उन्हें इस्लामाबाद, कराची और लाहौर के बाहर रिपोर्टिंग करने के लिए अनुमति लेनी होगी। पाकिस्तान ने कश्मीरी पत्रकार दानिश इरशाद को भी PoK में हुए विरोध-प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने के कारण आतंकवाद से जुड़ी 'वॉचलिस्ट' में डाल दिया है।

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इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर UK के नेता को हिरासत में लिया गया


'कश्मीर टाइम्स' के अनुसार, अक्टूबर के मध्य में इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद अली से कई घंटों तक पूछताछ की गई। ब्रिटिश और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद, उन्हें रिहा कर दिया गया और वे वापस अपने प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो गए। उनकी हिरासत की पुष्टि करते हुए, रोचडेल बरो काउंसिल ने कहा कि उन्हें "कुछ समय के लिए" हिरासत में रखा गया था। काउंसिल ने आगे कहा, "हमारी जानकारी के अनुसार, यह मामला काउंसलर अली द्वारा कश्मीर क्षेत्र को लेकर लंबे समय से चलाए जा रहे व्यक्तिगत अभियान से जुड़ा है। ब्रिटिश विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने और फिर रिहा किए जाने की पुष्टि की है। कार्यालय ने कहा कि वे "स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में" हैं। अली को किस तारीख को हिरासत में लिया गया था, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

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