Health Tips: Hepatitis B और Hepatitis C के साइलेंट लक्षणों से बढ़ता है Liver Damage का खतरा

Hepatitis B
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खराब खान-पान और लाइफस्टाइल के कारण कम उम्र में लिवर इन्फेक्शन और हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ रहा है। हेपेटाइटिस बी और सी जैसे संक्रमण के लक्षण शुरुआती दौर में साइलेंट रहते हैं, जिससे करीब 75 से 85% मरीजों को बीमारी का पता नहीं चल पाता। समय पर इलाज न होने से लिवर डैमेज और सिरोसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है। इसका सीधा असर लिवर पर भी देखने को मिलता है। हेल्थ एक्सपर्ट कम उम्र के लोगों में लिवर इंफेक्शन सहित अन्य कई गंभीर समस्याओं के होने की चेतावनी देते हैं। मुख्यरूप से लिवर में इंफेक्शन से वायरस, बैक्टीरिया या दूषित भोजन-पानी की वजह से होता है। लिवर हमारे शरीर का सबसे अहम अंग माना जाता है, जोकि करीब 500 से ज्यादा जरूरी कार्य करता है।

ऐसे में लिवर में होने वाली समस्या आपकी पूरी सेहत को प्रभावित कर सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, लिवर में संक्रमण होना गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है। वहीं समय रहते अगर इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो लिवर डैमेज होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। कई बार लिवर में संक्रमण के लक्षण साइलेंट होते हैं और लोगों को इसका पता ही नहीं चल पाता है।

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हेपेटाइटिस संक्रमण और इसके जोखिम

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो हेपेटाइटिस बी-सी जैसे संक्रमण की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लंबे समय तक लोगों को इस बीमारी के बारे में पता ही नहीं चल पाता है। संक्रमण होने के बाद भी व्यक्ति सामान्य दिख सकता है और रोजमर्रा के काम करता है और उसको कोई खास परेशान महसूस नहीं होती है। लेकिन जब तक यह संक्रमण पहचान में आता है, तब तक लिवर को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है।

अगर हेपेटाइटिस बी या सी के लक्षण शुरूआत में नजर भी आते हैं, तो यह इतने सामान्य होते हैं कि आमतौर पर लोग इनको सामान्य कमजोरी, थकान या पेट संबंधी कोई मामूली परेशान समझकर अनदेखा कर देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो करीब 75 से 85% लोगों में हेपेटाइटिस सी के लक्षण नहीं होते।

साइलेंट बीमारी है हेपेटाइटिस

बता दें कि मेडिकल रिपोर्ट्स में इसको साइलेंट बीमारी माना जाता है।

दरअसल, अधिकतर लोगों में संक्रमण के दौरान कोई शुरूआती लक्षण नहीं दिखते हैं, जिस कारण लंबे समय तक बीमारी का पता नहीं चल पाता है। वहीं लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण कई महीनों तक बिना किसी संकेत के रह सकता है।

वहीं अगर इस संक्रमण के लक्षण नजर भी आते हैं, तो भूख कम लगना, पेट संबंधी समस्या या थकान आदि जैसे सामान्य लक्षण हो सकते हैं। जिनको लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

लंबे समय तक इस संक्रमण का इलाज नहीं होन पर लिवर डैमेज, लिवर को गंभीर नुकसान और सिरोसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

हेपेटाइटिस बी या सी में थकान के अलावा मतली-उल्टी, पेट में दर्द, भूख कम लगना, जोड़ों में दर्द और बुखार आदि हो सकता है।

वहीं कुछ लोगों को इस दौरान पीलिया, पेशाब और मल के रंग में बदलाव की समस्या भी हो सकती है।

कई लोगों में लिवर संबंधी समसया बढ़ने के बाद भी इसके लक्षणों की शुरूआत में पहचान नहीं हो पाती है। जोकि आगे चलकर गंभीर समस्या का वजह बन सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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