Bibi शानदार प्रधानमंत्री, वोट दो…नेतन्याहू पर ट्रंप मेहरबान, वजह है ईरान?

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अभिनय आकाश । Oct 26 2026 12:49PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी संसदीय चुनाव से पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन करते हुए जनता से उन्हें वोट देने की अपील की है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नेतन्याहू के रुख की सराहना की। कड़े चुनावी मुकाबले और जन असंतोष का सामना कर रहे नेतन्याहू के लिए यह समर्थन बेहद महत्वपूर्ण है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अपना समर्थन दोहराया है और इजरायलियों से बिबी को वोट देने का आग्रह किया है, क्योंकि लंबे समय से सत्ता में बने इस नेता को सत्ता बरकरार रखने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रम्प ने नेतन्याहू की प्रशंसा करते हुए उन्हें उत्कृष्ट योद्धा प्रधानमंत्री बताया और ईरान के खिलाफ उनके घनिष्ठ संबंधों और संयुक्त सैन्य अभियान पर प्रकाश डाला। उन्होंने इजरायलियों से 27 अक्टूबर को नई संसद के चुनाव के लिए तैयार हो रहे देश में नेतन्याहू का समर्थन करने का आह्वान भी किया।

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ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों, जिनमें ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शामिल हैं, का जिक्र करते हुए दावा किया कि तेहरान की सेना और अर्थव्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो गई है। बिबी नेतन्याहू को प्रधानमंत्री पद के लिए वोट दें, हमें वह काम पूरा करना है जो हमने शुरू किया था! ट्रंप ने लिखा, और इस बात को दोहराते हुए कि अमेरिका और इज़राइल को ईरान को परमाणु खतरा पैदा करने से रोकना चाहिए। यह समर्थन नेतन्याहू के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है, जिनका राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा है। चुनाव से पहले हुए जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि उनकी लिकुड पार्टी और उसके गठबंधन सहयोगियों को संसद में बहुमत हासिल करने में मुश्किल हो सकती है।

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नेतन्याहू ने ट्रंप का समर्थन मांगा था


ट्रंप ने 18 अक्टूबर को नेतन्याहू का समर्थन करते हुए उन्हें मजबूत, साहसी और प्रतिभाशाली बताया था। नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद देते हुए कहा कि दोनों नेता मिलकर अपना मिशन पूरा करेंगे। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने चुनाव से पहले ट्रंप से अतिरिक्त सार्वजनिक समर्थन मांगा था। हालांकि, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की प्रवक्ता नेता मोल्चो ने इस बात से इनकार किया कि प्रधानमंत्री ने समर्थन मांगा था। यह नया समर्थन 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के बीच आया है।

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इज़राइली ही फैसला करेंगे


नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइज़ेनकोट ने ट्रंप के पहले के समर्थन का खंडन करते हुए कहा कि फैसला इज़राइली मतदाताओं पर निर्भर करता है। एएफपी के अनुसार, आइज़ेनकोट ने तेल अवीव में एक सम्मेलन में कहा मैं ट्रंप का प्रशंसक हूं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि "केवल इज़राइली ही अपने नेता का चुनाव कर सकते हैं। 27 अक्टूबर को होने वाला चुनाव हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2023 को किए गए हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान और ईरान में हुए युद्धों के बाद इज़राइल का पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा। इज़राइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू को 2023 के हमले से जुड़ी सुरक्षा विफलताओं और उनकी सरकार के प्रति व्यापक जन असंतोष को लेकर कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव से यह तय होगा कि नेतन्याहू अपने पद पर बने रह सकते हैं या विपक्षी दल सरकार बना सकते हैं। सर्वेक्षणों से संभावित रूप से खंडित संसद का संकेत मिल रहा है, ऐसे में चुनाव के बाद गठबंधन वार्ता शुरू हो सकती है।

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