40 के बाद Women Health के लिए जरूरी हैं ये 3 Exercises, Core और Pelvic Floor को मिलेगी गजब की मजबूती

3 Exercises
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40 की उम्र के बाद महिलाओं में होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के प्रभाव को कम करने के लिए पेल्विक फ्लोर और कोर मसल्स की मजबूती अनिवार्य है। बैंडेड ग्लूट ब्रिज और साइड क्लैमशेल्स जैसी लक्षित एक्सरसाइज शारीरिक संतुलन को बेहतर बनाती हैं और यूरिन लीकेज जैसी समस्याओं का समाधान करती हैं। पेल्विक हेल्थ, कोर स्ट्रेंथ और महिला स्वास्थ्य के लिए यह व्यायाम महत्वपूर्ण हैं।

40 उम्र का पड़ाव ऐसा है कि महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक बदलाव देखने को मिलते हैं। इस एज में हार्मोनल बदलाव का असर मसल्स, हड्डियों और शरीर के टिश्यू पर भी पड़ता है। खासतौर पर कुछ महिलाओं को कमर में अकड़न, कोर मसल्स में कमजोरी या यूरिन लीकेज की परेशानी से जूझना पड़ता है। इसलिए बढ़ती उम्र के साथ इन बदलावों को समझना और शरीर की देखभाल करना बेहद जरुरी है। 

खासकर पेल्विक फ्लोर और डीप कोर मसल्स शरीर को मजबूती देने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। पेल्विक फ्लोर मसल्स ब्लैडर, आंतों और पेल्विक ऑर्गन्स को सपोर्ट करने के साथ ब्लैडर को कंट्रोल करने में मदद करता है। गौरतलब है कि मजबूत कोर सही पोश्चर, बैलेंस और डेली एक्टिविटीज को आसान बनाता है।

पेल्विक कोर और कोर को मजबूत करने के लिए 3 एक्सरसाइज 

बैंडेड ग्लूट ब्रिज

बैंडेड ग्लूट ब्रिज एक स्ट्रेंथ एक्सरसाइज है, जो कि ग्लूट्स, हिप्स और कोर की मसल्स पर काम करती है। घुटनों के ऊपर लगाया गया रेजिस्टेंस बैंड हल्का खिंचाव देता है और हिप्स को सही पोजीशन में रखता है।

बैंडेड ग्लूट ब्रिज

इसे करने के लिए घुटनों के ठीक ऊपर मिनी रेजिस्टेंस बैंड लगाएं। पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर रखें। अब पैरों के बीच में हिप्स जितनी दूरी रखें। बैंड खिंचाव के साथ धीरे से घुटनों को बाहर की तरफ लेकर आएं। एड़ियों पर जोर देते हुए हिप्स को ऊपर की तरफ उठाए। अब आपको ऊपर पहुंचकर हिप्स की मसल्स को टाइट करें और कमर पर ज्यादा जोर न दें। फिर धीरे-धीरे हिप्स को नीचे लाएं और इस प्रक्रिया को दोहराएं।

साइड क्लैमशेल्स एक्‍सरसाइज

यह एक्सरसाइज हिप्स, ग्लूट्स और कोर को मजबूत करने के साथ पेल्विक की स्थिरता बनाए रखती है। इसमें पैरों की स्पीड क्लैमशेल के खुलने और बंद होने जैसी होती है। 

कैसे करें साइड क्लैमशेल्स

इसे करने करने के लिए आप सबसे पहले एक करवट लेट जाए और घुटनों को मोड़ें। अब घुटनों के ऊपर हल्का रेजिस्टेंस बैंड लगाएं। इसके बाद हिप्स को एक-दूसरे के ऊपर रखें और दोनों पैरों की साथ रखें। अब शरीर के ऊपरी हिस्से को निचले हाथ का सहारा दें। पैरों को साथ रखते हुए ऊपर वाले घुटने को धीरे-धीरे उठाएं और फिर नीचे लेकर आएं। यदि आप साइड प्लैंक कर रही है, तो अपने हिप्स को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।

सीटेड नी ओपनर्स एक्‍सरसाइज कैसे करें

इसे करने के लिए कुर्सी पर आप आराम से सीधी बैठें और दोनों पैरों को जमीन पर रखें। जरुरत पड़ने पर कुर्सी के किनारों का सहारा लें। अब एक पैरों को थोड़ा ऊपर उठाएं और नीचे वाले पैर को धीरे-धीरे सीधा करें। फिर कुछ सेकेंड पोजीशन में रहे और थाइज की मसल्स को एक्टिव रखें। अब पैर को जमीन पर रखें। दोनों पैरों से 10-15 बार दोहराएं।

इस एक्सरसाइज के करने से घुटनों की मूवमेंट अच्छी होती है और क्वाड्रिसेप्स समेत आसपास की मसल्स को मजबूत बना सकती है। यह पैरों फ्लैक्सिबिलिटी को बढ़ाती है। 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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