Vaibhav Suryavanshi बने Duleep Trophy के नए बाजीगर, बेंगलुरु में 57 साल पुराना Cricket Record किया अपने नाम

वैभव सूर्यवंशी का अर्धशतक भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बढ़ती युवा प्रतिभा और उनके तकनीकी कौशल का एक गहन विश्लेषण पेश करता है। लक्ष्मण सिंह के पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त करना उनके मानसिक संयम को सिद्ध करता है, जो ईशान किशन की अनुपस्थिति में कप्तानी संभालने के दौरान भी नजर आया। पूर्वी क्षेत्र के इस उभरते सितारे का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी की तैयारी का एक स्पष्ट प्रमाण है।
पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट में अपनी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहने वाले वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। बेंगलुरु में चल रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में पूर्वी क्षेत्र की ओर से खेलते हुए 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने शानदार अर्धशतक जड़कर 57 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
वैभव सूर्यवंशी ने मध्य क्षेत्र के खिलाफ मुकाबले में महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने छक्का लगाकर पचास रन का आंकड़ा पार किया। इस उपलब्धि के साथ वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं। वैभव ने 15 साल 175 दिन की उम्र में यह कारनामा किया है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था, जिन्होंने 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। पिछले साल पीयूष चावला ने 16 साल 307 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाकर इस सूची में जगह बनाई थी। अब वैभव ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड कायम किया है।
गौरतलब है कि वैभव इससे पहले भी अपनी कम उम्र में बड़े मंच पर प्रभाव छोड़ चुके हैं। दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में उनका बल्ला भले ही ज्यादा नहीं चला था, लेकिन गेंद से उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाफ अहम भूमिका निभाई थी। बाएं हाथ से गेंदबाजी करते हुए उन्होंने तीन ओवर में 11 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे।
उस मुकाबले के दौरान वैभव ने किशन लिंगदोह और इम्लीवाती लेम्तूर को एक ही ओवर में आउट किया था। बाद में भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने बताया था कि उन्हें केवल दो-तीन ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला था, इसलिए उन्होंने एक ही जगह पर लगातार गेंद डालने और अपना पूरा प्रयास करने पर ध्यान दिया।
मौजूदा सेमीफाइनल में भी वैभव ने अपनी जिम्मेदारी सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रखी। पहले दिन पूर्वी क्षेत्र के कप्तान ईशान किशन के दाहिने हाथ की कलाई पर चोट लगने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद वैभव ने करीब एक घंटे तक टीम की कप्तानी भी संभाली। इसी दौरान उन्होंने सफल निर्णय समीक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर टीम के पक्ष में फैसला हासिल किया।
बता दें कि वैभव सूर्यवंशी की पहचान पिछले कुछ समय में भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा बल्लेबाज के तौर पर तेजी से बनी है। इतनी कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट और बड़े घरेलू टूर्नामेंट में लगातार अवसर मिलना उनके प्रदर्शन की अहमियत को दिखाता है। अब दलीप ट्रॉफी में नया रिकॉर्ड बनाने के बाद उनकी नजर इस मुकाबले में बड़ी पारी खेलने और पूर्वी क्षेत्र को फाइनल तक पहुंचाने पर है।
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