Mythos AI से Cyber Attack का बढ़ा खतरा, सरकारी बैंक IT बजट बढ़ाकर मजबूत करेंगे सुरक्षा कवच

Mythos AI Threat
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एंथ्रोपिक के माइथोस एआई टूल से उत्पन्न नए साइबर खतरे के कारण, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी आईटी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तैयार हैं। वित्तीय प्रणालियों की कमजोरियों का फायदा उठाने की इस एआई की क्षमता को देखते हुए, प्रमुख बैंक ग्राहक डेटा और मौद्रिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए अपना आईटी खर्च बढ़ा रहे हैं।

 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी प्रणाली को सुरक्षित करने, ग्राहक डेटा की रक्षा करने और मौद्रिक संसाधनों को बचाने के लिए आईटी खर्च बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। यह कदम एंथ्रोपिक के क्लाउड माइथोस एआई टूल और वित्तीय डेटा सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच उठाया जा रहा है। माइथोस की उन्नत कोडिंग क्षमताएं इसे साइबर सुरक्षा की कमजोरियों का पता लगाने और उनका फायदा उठाने के तरीके विकसित करने की अभूतपूर्व क्षमता प्रदान करती हैं।

इससे यह चिंता बढ़ गई है कि इसका उपयोग बैंकिंग प्रणालियों को बाधित करने के लिए किया जा सकता है। पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ स्वरूप कुमार साहा ने पीटीआई-को बताया कि इस नई चुनौती के मद्देनजर बैंकों को अपनी प्रणाली अधिक मजबूत बनाने और साइबर हमलों के संबंध में कमजोरियों को कम करने के लिए निश्चित रूप से आईटी में अपना निवेश बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि बैंक नई तकनीक से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए चालू वित्त वर्ष में अपना आईटी खर्च बढ़ाने जा रहा है।

इसके अलावा, यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ अश्विनी कुमार ने कहा कि बैंक का आईटी खर्च पिछले वित्त वर्ष की तुलना में अधिक होने वाला है, और इसका एक बड़ा हिस्सा साइबर सुरक्षा की ओर जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों से अपने आईटी सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने को कहा था।

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