HDFC Bank में भूचाल, Chairman Atanu Chakraborty के इस्तीफे से Corporate Governance पर उठे बड़े सवाल

Atanu Chakraborty
प्रतिरूप फोटो
ANI Digital
Ankit Jaiswal । Mar 19 2026 10:46PM

नए चेयरमैन केकी मिस्त्री और आरबीआई द्वारा बैंक की वित्तीय स्थिरता का आश्वासन दिए जाने के बावजूद, अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे ने एचडीएफसी बैंक के शेयरों में तेज गिरावट ला दी है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है।

बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर ने गुरुवार को शेयर बाजार में हलचल मचा दी, जब एचडीएफसी बैंक के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही शेयर करीब 9 प्रतिशत तक लुढ़क गया, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।

बता दें कि इस गिरावट की मुख्य वजह बैंक के अंशकालिक चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती का अचानक इस्तीफा रहा। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी गतिविधियां और प्रक्रियाएं देखी गईं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं।

गौरतलब है कि इस खबर के सामने आते ही शेयर बाजार में बैंक के स्टॉक पर दबाव बढ़ गया और शुरुआती कारोबार में यह अपने दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर शेयर में कमजोरी बनी रही है।

इसी बीच बैंक ने केकी मिस्त्री को नया अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस्तीफे के पीछे कोई बड़ा संचालन से जुड़ा मुद्दा नहीं है और बैंक की स्थिति पूरी तरह स्थिर है।

बता दें कि इस घटनाक्रम के बाद निवेशकों के साथ बातचीत भी की गई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि बैंक के कामकाज में किसी तरह की गंभीर समस्या सामने नहीं आई है। मिस्त्री ने यह भी कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी तभी स्वीकार की है, जब उन्हें बैंक की कार्यप्रणाली और सिद्धांतों पर पूरा भरोसा है।

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए चेयरमैन पद में बदलाव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में कहा कि एचडीएफसी बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और उसके पास पर्याप्त पूंजी और तरलता मौजूद है।

मौजूद जानकारी के अनुसार बैंक के शेयरधारिता ढांचे को देखें तो इसमें घरेलू म्यूचुअल फंड और विदेशी निवेशकों की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में स्टॉक में उतार-चढ़ाव का असर बड़े स्तर पर निवेशकों पर पड़ सकता है।

गौरतलब है कि इस गिरावट के चलते बैंक के बाजार पूंजीकरण में भी भारी कमी आई है। शुरुआती कारोबार में कंपनी के कुल मूल्य में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में इसका असर व्यापक रूप से देखने को मिला।

बता दें कि एचडीएफसी बैंक देश के प्रमुख बैंकिंग सूचकांक में भी बड़ा हिस्सा रखता है, ऐसे में इसके शेयर में आई गिरावट का असर पूरे बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा है। मौजूद जानकारी के अनुसार इस वजह से बैंकिंग सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई है।

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