Force Motors अगले साल पहली तिमाही में उतारेगी नया इलेक्ट्रिक Trax Traveller

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वाहन निर्माता कंपनी अपने लोकप्रिय वाणिज्यिक वाहन का इलेक्ट्रिक संस्करण अगले कैलेंडर वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। इसमें इलेक्ट्रिक एंबुलेंस का विकल्प भी शामिल रहने की उम्मीद है। इन वाहनों का अंतिम परीक्षण और नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया जारी है।

नयी दिल्ली, सात नवंबर वाहन विनिर्माता फोर्स मोटर्स अगले साल जनवरी-मार्च तिमाही में अपने ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने की योजना बना रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। इन वाहनों में इलेक्ट्रिक एंबुलेंस भी शामिल होने की उम्मीद है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया ने पीटीआई-भाषा से कहा कि ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित इलेक्ट्रिक वाहन तैयार हो चुके हैं और फिलहाल उनके अंतिम परीक्षण तथा नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा, हम अगले कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित अपने इलेक्ट्रिक वाहन पेश करने की योजना बना रहे हैं। फिरोदिया ने कहा, ट्रैवलर के इलेक्ट्रिक मॉडल फिलहाल नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया में हैं।

इन्हें पहले ही विकसित किया जा चुका है। भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) में इनकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है और अंतिम परीक्षण भी किए जा रहे हैं। फोर्स मोटर्स ने 2024 में ऑटो एक्सपो में ट्रैवलर का इलेक्ट्रिक संस्करण प्रदर्शित किया था, लेकिन अभी तक इसकी बिक्री शुरू नहीं की है।

कंपनी की योजना ट्रैवलर के कई इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने के बाद अपनी यात्री वाहन श्रेणी की गाड़ी अर्बानिया का इलेक्ट्रिक संस्करण लाने की है। फिरोदिया ने कहा कि अर्बानिया इलेक्ट्रिक मॉडल का विकास जारी है और इसे नियामकीय मंजूरी मिलने में अभी कुछ महीने लगेंगे। कंपनी चरणबद्ध तरीके से अपने अन्य वाहन प्लेटफॉर्म को भी इलेक्ट्रिक बनाने की योजना पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि यात्री परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों, विशेषकर सात मीटर से कम लंबाई वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और इसमें धीरे-धीरे तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल आर्थिक रूप से फायदेमंद होना जरूरी है। इसके अलावा, एक बार चार्ज करने पर सीमित दूरी तय कर पाने की क्षमता और चार्जिंग बुनियादी ढांचे की कमी भी अलग-अलग मार्गों पर चलने वाले वाहनों के लिए बड़ी चुनौतियां हैं।

फिरोदिया ने कहा, मुझे नहीं लगता कि हमारे क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव उतनी तेजी से होगा, जितना यात्री कारों में देखने को मिला है या दोपहिया और तिपहिया वाहनों में हुआ है। हमारे क्षेत्र में भी यह बदलाव होगा, लेकिन इसकी रफ्तार तुलनात्मक रूप से धीमी रहेगी।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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