Delhi NCR में Parivartan Scheme के तहत 25 हजार पुराने वाहनों का होगा पंजीकरण

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली-एनसीआर में पुराने व्यावसायिक वाहनों को हटाने के लिए शुरू की गई परिवर्तन योजना के तहत अक्टूबर तक 25,000 पंजीकरण का अनुमान जताया है। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1,450 पुराने ट्रक और बस मालिक अपना पंजीकरण करा चुके हैं। पात्र वाहन मालिकों को मोटर वाहन कर में छूट, ब्याज सहायता और नई खरीद पर वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए पिछले महीने शुरू की गई ‘परिवर्तन’ योजना के तहत अक्टूबर तक 25,000 से अधिक लाभार्थियों के पंजीकरण की उम्मीद जतायी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव वी उमाशंकर ने शुक्रवार को कहा कि योजना शुरू होने के बाद 14 जुलाई से अब तक 1,450 पुराने ट्रक और बस मालिक पंजीकरण करा चुके हैं। उमाशंकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मंत्रालय को उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर तक ‘परिवर्तन’ योजना के तहत 25,000 से अधिक पुराने वाणिज्यिक ट्रक और बस मालिक पंजीकरण करा लेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में भारत स्टेज (बीएस)-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले दो लाख से अधिक ट्रक और बस पंजीकृत हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन जून को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 5,041 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की सहायता के रूप में शामिल हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस योजना को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के जरिये लागू कर रहा है। योजना के तहत लाभार्थियों को कई तरह की प्रोत्साहन सुविधाएं दी जाएंगी। इनमें मोटर वाहन कर में रियायत, पंजीकरण शुल्क से छूट, वाहन ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज सहायता, मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) की ओर से कम से कम आठ प्रतिशत की छूट, पात्र डीजल और सीएनजी वाहनों को बदलने पर मासिक ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों से पुराने वाहनों को बदलने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता शामिल है।
राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकारों ने योजना के तहत पात्र नए वाहनों के लिए 10 साल की मोटर वाहन कर रियायत और पंजीकरण शुल्क में छूट अधिसूचित की है।
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