Coal India का 10-साला Master Plan: 24 करोड़ टन कोयला Import Cut से देश बनेगा आत्मनिर्भर

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने कोयला आयात में 24.3 करोड़ टन की कटौती के लिए एक महत्वाकांक्षी 10-वर्षीय योजना बनाई है, जिसका लक्ष्य घरेलू उत्पादन बढ़ाकर और गुणवत्ता सुधारकर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) कोयला आयात में 24.3 करोड़ टन कटौती करने के लि एक व्यापक 10 वर्षीय योजना बना रही है। इसके लिए घरेलू उत्पादन में वृद्धि, कोयले की गुणवत्ता में सुधार और लॉजिस्टिक लागत की समानता पर जोर दिया जाएगा। एक सूत्र ने बताया कि कोयला आयात में कटौती के लक्ष्य वाले इस प्रस्तावित मसौदे में आयात का विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट शामिल होगा, जिसे क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों और स्थानीय आपूर्ति को बढ़ावा देने वाली चरणबद्ध बदलाव रणनीतियों का समर्थन मिलेगा।
इसमें कोयले की धुलाई और परिवहन को सुव्यवस्थित करने के लिए नेशनल वॉशरी एंड लॉजिस्टिक्स ग्रिड भी शामिल होगा, जो आपूर्ति श्रृंखला की प्रमुख बाधाओं को दूर करेगा। कोल इंडिया लिमिटेड घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। कंपनी इस मसौदे को तैयार करने और गैर-शुल्क बाधाओं से संबंधित उपायों का सुझाव देने के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति करने की भी योजना बना रही है।
सूत्र ने आगे कहा, कोयला क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने घरेलू उत्पादन में वृद्धि, गुणवत्ता संवर्धन और लॉजिस्टिक मूल्य समानता के माध्यम से सभी प्रतिस्थापन योग्य कोयला आयात को पूरी तरह रोकने के लिए एक व्यापक दस वर्षीय मसौदा (2026-2036) तैयार करने और उसे लागू करने की योजना बनाई है।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, विदेशी मुद्रा की निकासी को कम करना और राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के तहत हरित संक्रमण लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाना है।
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