RBI के आंकड़ों में Bank Credit 17.94 प्रतिशत उछला, जमा वृद्धि को पीछे छोड़ा

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार 15 अक्टूबर तक सालाना आधार पर बैंक ऋण बढ़कर 232.54 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इस अवधि में बैंक जमा में 16.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह कुल 284.37 लाख करोड़ रुपये रहा। त्योहारी सीजन और बैंकिंग प्रणाली में प्रचुर नकदी प्रवाह के कारण ऋण वितरण की गति तेज रही।
बैंक ऋण 15 अक्टूबर तक सालाना आधार पर 17.94 प्रतिशत बढ़कर 232.54 लाख करोड़ रुपये हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह कहा। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान बैंक जमा में 16.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पंद्रह अक्टूबर, 2026 तक बैंकों में कुल जमा राशि बढ़कर 284.37 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो 17 अक्टूबर, 2025 तक 243.88 लाख करोड़ रुपये थी। इस तरह जमा में सालाना आधार पर 16.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 15 अक्टूबर, 2026 तक बैंक ऋण 232.54 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 17 अक्टूबर को 197.17 लाख करोड़ रुपये था।
इस तरह इसमें सालाना आधार पर 17.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऋण में तेज वृद्धि का कारण अक्टूबर के शुरुआती दिनों में बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी और त्योहारों का होना है। आरबीआई की रियायती सुविधा के तहत बैंकों को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) (एफसीएनआर-बी) जमा मिलने से बैंकों में नकदी की उपलब्धता बढ़ गई थी।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, एक से 15 अक्टूबर के बीच बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी का स्तर दो लाख करोड़ रुपये से 4.5 लाख करोड़ रुपये के बीच रहा। अगस्त और सितंबर में पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए हाल में किए गए उपायों के कारण बैंकिंग प्रणाली में नकदी की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। अगस्त 2026 में हुई पिछली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद से नकदी समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत शुद्ध स्थिति के आधार पर बैंकिंग प्रणाली में प्रतिदिन औसतन 5.9 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी रही।
एलएएफ के तहत प्रतिदिन औसतन शुद्ध नकदी निकासी जुलाई 2026 में 1.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अगस्त में 5.8 लाख करोड़ रुपये और सितंबर में 7.8 लाख करोड़ रुपये हो गयी। इसके अलावा, बैंकों का केंद्र और राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों में निवेश सालाना आधार पर 9.64 प्रतिशत बढ़कर 15 अक्टूबर, 2026 तक 77.32 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 17 अक्टूबर तक 70.53 लाख करोड़ रुपये था। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस कुल निवेश में सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों का था।
इनमें बैंकों का निवेश 15 अक्टूबर, 2026 तक बढ़कर 77.12 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 70.42 लाख करोड़ रुपये था।
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