टखने की चोट से उबरे Neeraj Chopra, कुछ हफ्तों में शुरू करेंगे प्रैक्टिस और रिहैबिलिटेशन

ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने टखने की चोट में सुधार के बाद जल्द मैदान पर लौटने के संकेत दिए हैं। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला से सलाह लेने के बाद वह अगले कुछ सप्ताह में रिहैबिलिटेशन और अभ्यास शुरू करेंगे। अगस्त में लगी चोट के चलते वह डायमंड लीग फाइनल्स नहीं खेल सके थे।
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कहा कि उनकी टखने की चोट में काफी सुधार हुआ है और वह अगले कुछ सप्ताह में फिर से अभ्यास शुरू करने और ‘रिहैबिलिटेशन’ से गुजरने की योजना बना रहे हैं। चोपड़ा चोटिल होने के कारण जापान में एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाए थे। भाला फेंक के इस सुपरस्टार ने 2021 में तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण और 2024 की पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीता था।
वह इस साल अगस्त में अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे। इस कारण वह डायमंड लीग फाइनल्स में भी नहीं खेल पाए थे। उन्होंने कहा कि जाने-माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला से परामर्श लेने के बाद अब उनकी हालत काफी बेहतर हुई है।
चोपड़ा ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) मीडिया से कहा, ‘‘मेरी चोट अब काफी बेहतर है। पहले डेढ़ महीने में मुझे कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब इसमें काफी सुधार हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने डॉ. दिनशॉ परदीवाला से परामर्श लिया और उन्होंने सलाह दी है कि मैं अब अभ्यास और रिहैबिलिटेशन शुरू कर सकता हूं। मैं अगले कुछ सप्ताह में इन दोनों को शुरू करने की योजना बना रहा हूं।’’ चोपड़ा ने कहा कि उन्होंने अपनी चिकित्सा टीम की सलाह के अनुसार पूरा आराम किया।
उन्होंने कहा, ‘‘चिकित्सकों ने मुझे आराम करने की सलाह दी थी और मैंने वैसा ही किया। प्रतियोगिताओं के संबंध में टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) और साइ वर्षों से मेरा साथ दे रहे हैं।’’ चोपड़ा ने कहा, ‘‘मैं कई वर्षों से टॉप्स के कोर ग्रुप का हिस्सा रहा हूं और जब भी मुझे मदद की जरूरत पड़ती है तो वह हमेशा मौजूद रहते हैं।’’ चोपड़ा ने इस साल आखिरी बार 21 अगस्त को लुसाने में डायमंड लीग में भाग लिया था जहां वह दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्होंने जुलाई में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था।’’ इस बीच चोपड़ा ने 28 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया और इसे भारतीय खेल के लिए एक बड़ा कदम बताया।
इस योजना के लिए 1800 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है और इसका लक्ष्य अगले एक दशक में भारत को खेल सामग्री तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनाना है। चोपड़ा ने कहा, ‘‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम शानदार पहल है। खिलाड़ियों को भारत में कुछ उपकरणों के लिए बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है या उन्हें खेल उपकरण विदेशों से आयात करने पड़ते हैं।
अगर भारत में उपकरण तैयार होने शुरू हो जाएंगे तो उन्हें हासिल करना आसान हो जाएगा।’’ चोपड़ा ने सेनेगल के डकार में शनिवार से शुरू होने वाले युवा ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले 17 सदस्यीय भारतीय दल को भी अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘युवा ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को मेरी शुभकामनाएं। इस अनुभव का भरपूर आनंद लें और खुद पर ज्यादा दबाव नहीं बनाएं।
युवा ओलंपिक से आपको काफी कुछ सीखने को मिलेगा। मुझे विश्वास है कि आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’
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