Gonda में रिटायर्ड लेखाधिकारी को Digital Arrest कर 78 लाख रुपये ठगे

उत्तर प्रदेश के गोंडा में साइबर जालसाजों ने जिला पंचायत के एक सेवानिवृत्त लेखाधिकारी को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 78 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने पीड़ित को सीबीआई और आईबी का फर्जी अधिकारी बनकर पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष से बातचीत और गोपनीय जानकारी साझा करने के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक के अनुसार साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर दो टीमों का गठन किया गया है।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जिला पंचायत के सेवानिवृत्त लेखाधिकारी को लगभग एक महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके साइबर जालसाजों ने 78 लाख रुपये कथित तौर पर ठग लिये। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने उन्हें पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष से बातचीत करने और गोपनीय जानकारी साझा करने के मामले में फंसाने की धमकी दी थी।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक ने बताया कि साइबर अपराध थाने में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। नगर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी राजकुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, 22 सितंबर को उन्हें फोन करने वाले एक व्यक्ति ने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताते हुए उन पर पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों को गोपनीय जानकारी देने तथा धनशोधन में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को खुफिया ब्यूरो (आईबी) का अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया।
पीड़ित के हवाले से पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचाने का भरोसा देकर उनसे अलग-अलग खातों में रुपये जमा कराने का दबाव बनाया। उनके मुताबिक, उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 50 लाख रुपये और इंडियन बैंक के खाते से 18 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में स्थानांतरित कर दिए। पुलिस ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित से 10 लाख रुपये और मांगे और उन्होंने अपनी संपत्तियां बेचकर यह राशि भी दे दी।
इस तरह आरोपियों ने उनसे कुल 78 लाख रुपये ठग लिये। पीड़ित की शिकायत के हवाले से पुलिस ने बताया कि राशि मिलने के बाद आरोपियों ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया और इसके बाद उन्होंने 28 अक्टूबर को साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई। एसपी ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है और मामले के खुलासे के लिए दो पुलिस टीम गठित की गई हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर धमकाने पर उसके दबाव में आकर पैसे स्थानांतरित न करें और इस संबंध में पुलिस को सूचित करें।
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