CWG 2026: मुक्केबाज Jadumani Mandengabam ने पक्का किया पदक, India की Medal Tally पहुंची 12 के पार

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की पदक संख्या 12 तक पहुंचना विभिन्न खेल विधाओं में एथलीटों की बढ़ती विशेषज्ञता और गहन प्रशिक्षण का सटीक विश्लेषण है। जदुमणि मंडेंगबाम की सेमीफाइनल में जीत और लॉन बॉल्स में सफल शुरुआत दबाव की स्थिति में उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करती है। मीराबाई चानू और शर्मिला धनखड़ जैसे स्वर्ण विजेताओं का नेतृत्व पदक तालिका में भारत की स्थिति को और प्रभावी बना रहा है।
ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर अलग-अलग स्पर्धाओं में दमदार खेल दिखाकर देश की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है। मंगलवार को सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी में मिली, जहां जदुमणि मंडेंगबाम ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया। वहीं लॉन बॉल्स में भी भारतीय जोड़ी ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की है।
बता दें कि पुरुष मुक्केबाजी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जदुमणि मंडेंगबाम का सामना जाम्बिया के म्वाले से हुआ। मुकाबले की शुरुआत काफी रोमांचक रही और पहले दौर में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। जाम्बिया के मुक्केबाज ने शुरुआत से ही तेज आक्रमण किया, लेकिन जदुमणि ने संयम बनाए रखा और सटीक जवाबी मुक्कों के दम पर निर्णायकों का भरोसा जीत लिया।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पहले दौर में जदुमणि को 4-1 के फैसले से बढ़त मिली। इसके बाद दूसरे और तीसरे दौर में उन्होंने पूरी तरह मुकाबले पर अपना नियंत्रण बना लिया। तेज फुटवर्क, सटीक मुक्कों और शानदार रणनीति के दम पर उन्होंने दोनों दौर एकतरफा अंदाज में अपने नाम किए। अंत में निर्णायकों ने तीन अंकपत्रों पर 30-27 और दो अंकपत्रों पर 29-28 का फैसला सुनाते हुए जदुमणि को विजेता घोषित किया। इस जीत के साथ वह सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं और राष्ट्रमंडल खेलों के नियमों के अनुसार उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया।
गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दोनों खिलाड़ियों को पदक मिलता है। ऐसे में जदुमणि अब स्वर्ण या रजत की दौड़ में बने हुए हैं और भारत की पदक संख्या में एक और इजाफा तय हो गया है।
दूसरी ओर लॉन बॉल्स में भारत के दिनेश कुमार और नवनीत सिंह ने पुरुष युगल वर्ग में शानदार शुरुआत की। उनका मुकाबला कुक द्वीप समूह की जोड़ी से हुआ। पहले सेट में भारतीय जोड़ी को 5-3 से हार मिली, लेकिन दूसरे सेट में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 6-5 से जीत दर्ज की। इसके बाद मुकाबला बराबरी पर पहुंच गया और फैसला टाई ब्रेकर से हुआ।
टाई ब्रेकर में दिनेश कुमार और नवनीत सिंह ने दबाव के बावजूद शानदार संयम दिखाया और 1-0 से जीत दर्ज करते हुए प्रतियोगिता में अपना पहला मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत आगे के मुकाबलों के लिए भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ग्लासगो में भारत का अभियान अब तक काफी सफल रहा है। भारतीय दल अब तक कुल 12 पदक अपने नाम कर चुका है। इनमें दो स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। स्वर्ण पदक जीतने वालों में मीराबाई चानू और शर्मिला धनखड़ शामिल हैं। वहीं ऋषिकांत सिंह, मुथुपांडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, सर्वेश कुशारे, गुलवीर सिंह, हरजिंदर कौर और वल्लूरी अजय बाबू ने रजत पदक जीते हैं। इसके अलावा बिंद्यारानी देवी, शिल्पा के. शायला और झंडू कुमार ने कांस्य पदक हासिल किए।
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार अच्छे प्रदर्शन से यह उम्मीद और मजबूत हुई है कि प्रतियोगिता के आने वाले दिनों में देश की पदक संख्या में और बढ़ोतरी होगी। कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी अभी भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं और उनसे अच्छे परिणाम की उम्मीद की जा रही है।
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