Indonesia Forest Fire बुझाने के लिए 10,700 से अधिक दमकलकर्मी तैनात

इंडोनेशिया ने मध्य और पश्चिमी इलाकों में जंगलों की भीषण आग पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर जमीनी और हवाई अभियान तेज किया है। अल नीनो और सूखे मौसम के कारण फैली आग का घना धुआं पड़ोसी देश मलेशिया और ब्रुनेई तक पहुंच गया है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
इंडोनेशिया ने सोमवार को देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में जंगलों में लगी भीषण आग से निपटने के लिए जमीनी और हवाई अभियान तेज कर दिया। आग से हजारों हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, घना धुआं शहरों पर छा गया है तथा पड़ोसी देशों तक पहुंच गया है। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के अनुसार, अल नीनो के मजबूत होने और लंबे समय से जारी शुष्क मौसम के कारण लगी आग से घना धुआं पैदा हुआ है, जो मलेशिया और ब्रुनेई तक पहुंच गया है।
बीएनपीबी ने सोमवार को कहा कि कई क्षेत्रों में आग अब भी सक्रिय है। बोर्नियो द्वीप के पश्चिम, मध्य और दक्षिण कालीमंतन तथा सुमात्रा द्वीप के रियाउ, दक्षिण सुमात्रा और जाम्बी जैसे आग प्रभावित प्रांतों में बड़े पैमाने पर आग बुझाने का अभियान जारी है। इस साल इंडोनेशिया में जंगलों में आग लगने की घटनाओं में व्यापक वृद्धि देखी गई है।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने शनिवार को मध्य कालीमंतन में आग से तबाह इलाकों का दौरा किया। इसके बाद वह सुमात्रा द्वीप के आग प्रभावित रियाउ प्रांत पहुंचे, जहां 11,500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जल चुका है। उन्होंने अधिकारियों से धुएं के गुबार को नियंत्रित करने के प्रयास तेज करने का आग्रह किया।
प्रबोवो ने कहा कि सरकार आग बुझाने के अभियान में सहयोग जारी रखेगी। इसके तहत अतिरिक्त पानी बरसाने वाले हेलीकॉप्टर और दमकलकर्मियों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति भी की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आग बुझाने वाली टीमों द्वारा किए जा रहे काम का ‘‘पूरी तरह दस्तावेजीकरण कर सीधे उन्हें रिपोर्ट करने’’ का आग्रह किया।
वानिकी मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले जुलाई में करीब 94,000 हेक्टेयर क्षेत्र आग की चपेट में आया। बीएनपीबी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि सूखे, तेज हवाओं और सूखी वनस्पतियों के कारण आग पर काबू पाने के प्रयास मुश्किल हो रहे हैं। रविवार तक 10,700 से अधिक दमकलकर्मियों को जमीनी अभियान में लगाया गया था, लेकिन कुछ स्थान अब भी उनकी पहुंच से बाहर हैं।
इसके चलते स्थानीय अधिकारियों ने अतिरिक्त पानी बरसाने वाले विमानों और दमकल वाहनों की मांग की है। इस बीच, मलेशिया भी आग से उठने वाले घने धुएं से प्रभावित हुआ है। मलेशिया के पूर्वी राज्य सारावाक में स्थिति सबसे गंभीर रही, जहां राज्य सरकार के अनुसार करीब 600 स्कूल बंद करने पड़े और लगभग दो लाख विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं।
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