Prabhasakshi NewsRoom: दूसरे चरण में भी मतदाता रच रहे इतिहास, बंपर वोटिंग की ओर बढ़ा रहा है West Bengal

हम आपको बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा अंतिम समय में मतदाता सूची में 1468 नाम जोड़े गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3.22 करोड पहुंच गई है। मतदान के दौरान कई स्थानों से हिंसा और अव्यवस्था की खबरें आई हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज 142 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह से ही कई जिलों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, हालांकि इसके साथ ही हिंसा, झड़प और आरोप प्रत्यारोप की घटनाएं भी सामने आई हैं। सात जिलों के जिन क्षेत्रों में दूसरे चरण में मतदान हो रहा है उनमें कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हावड़ा, हुगली और पूर्व बर्धमान शामिल हैं। पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक मतदान देखने को मिल रहा है।
हम आपको बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा अंतिम समय में मतदाता सूची में 1468 नाम जोड़े गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3.22 करोड पहुंच गई है। मतदान के दौरान कई स्थानों से हिंसा और अव्यवस्था की खबरें आई हैं। नदिया जिले में एक मतदान केंद्र पर एक दल के मतदान प्रतिनिधि पर हमले का आरोप लगा, जिसमें वह घायल हो गया। वहीं हावड़ा के बाली इलाके में मशीन में खराबी के कारण तनाव की स्थिति बनी और झड़प भी हुई। कुछ स्थानों पर मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें मतदान से रोका गया और मतदान प्रक्रिया में देरी हुई।
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कोलकाता की भवानीपुर सीट इस चरण का सबसे चर्चित क्षेत्र बनी हुई है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्षी नेता शुभेन्दु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर है। यह मुकाबला पहले हुए नंदीग्राम चुनाव की तरह ही काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुभेन्दु अधिकारी ने सुबह मतदान प्रतिशत को लेकर असंतोष जताया और दावा किया कि दिन में मतदान तेजी पकड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री की मतदान केंद्रों के आसपास मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और इसे नियमों के खिलाफ बताया।
उधर, राजनीतिक बयानबाजी भी अपने चरम पर है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विपक्ष और सुरक्षा बलों के जरिए उनके दल के कार्यकर्ताओं को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को बिना किसी कानूनी आधार के हिरासत में लिया जा रहा है और उनके परिवारों को भी परेशान किया जा रहा है।
वहीं विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सत्ता पक्ष पर ही मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। विपक्षी नेताओं ने साथ ही कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। कुछ उम्मीदवारों ने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है और मतदान केंद्रों पर उन्हें बैठने नहीं दिया जा रहा। कुछ स्थानों पर नकली प्रतिनिधि को लेकर भी विवाद हुआ, जिसके कारण झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस और केंद्रीय बलों को कई जगह हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि स्थिति नियंत्रण में रह सके। इस बीच, मतदान के दौरान तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं। कई स्थानों पर मशीन खराब होने की शिकायत मिली, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि प्रशासन ने इन समस्याओं को जल्द ठीक करने का दावा किया है।
वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोगों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान करने का आग्रह किया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की अपील की है।
हम आपको यह भी बता दें कि चुनाव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद छिटपुट हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आज के मतदान के बाद अब सभी की नजर चार मई को होने वाली मतगणना पर है, जब यह साफ होगा कि राज्य में किस दल को जन समर्थन मिला है। वैसे इस चुनाव को न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके परिणाम राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
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