UP STF ने Lucknow में कारोबारियों से लूटपाट करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने राजधानी में व्यापारियों के कर्मचारियों से लूट करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से 48.45 लाख रुपये नकद, अवैध हथियार और वाहन बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में शहर के विभिन्न इलाकों में करोड़ों रुपये की चार बड़ी लूट की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया है।
लखनऊ, आठ नवंबर उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने लखनऊ में कृषि उत्पादों और मसालों के कारोबारियों के नकदी लेकर चलने वाले कर्मचारियों की रेकी कर दिनदहाड़े करोड़ों रुपये की लूट करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना समेत छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट के 48.45 लाख रुपये नकद, एक अवैध पिस्तौल, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई कार तथा मोटरसाइकिल बरामद की है। एसटीएफ की ओर से रविवार को जारी बयान के मुताबिक, गिरोह के सरगना दिनेश चंद्र यादव उर्फ छोटू समेत छह आरोपियों को सात और आठ नवंबर की दरमियानी रात करीब पौने दो बजे गोमतीनगर क्षेत्र में सहारा पुल के नीचे क्रिकेट अकादमी के गेट के पास से गिरफ्तार किया गया।
बयान के मुताबिक, आरोपी बलेनो कार और मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे थे और लूट की रकम का बंटवारा कर रहे थे। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में सौरभ यादव, अमन उर्फ रमन यादव, सौरभ दीक्षित, मोहित कनौजिया और बिहार के बेगूसराय निवासी ज्ञान सिंह शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह गुजरात से जुड़े मसाला और कृषि उत्पादों के कारोबारियों के नकदी लेकर चलने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों और उनके ठिकानों की जानकारी जुटाता था।
इसके बाद सुनसान स्थान पर कार से उनकी स्कूटी को टक्कर मारकर उन्हें गिरा देता था। फिर पिस्तौल का भय दिखाकर और लोहे की रॉड तथा डंडों से हमला कर नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो जाता था। बयान के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने इस साल दो मई को विराजखंड में 22 लाख रुपये, तीन जुलाई को विराटखंड में 45 लाख रुपये, तीन सितंबर को मेयो अस्पताल के पास 80 लाख रुपये और 24 अक्टूबर को आशियाना में 1.55 करोड़ रुपये की लूट की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
एसटीएफ के मुताबिक, अमृत लाल पाल नाम का व्यक्ति गिरोह को कारोबारियों और नकदी लेकर चलने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों की जानकारी देता था और इसके बदले कमीशन लेता था। इसके अलावा मोहित कनौजिया रेकी करके अन्य सदस्यों को मोबाइल फोन के जरिए सूचना देता था। बयान के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन और पीड़ितों के पहचान संबंधी कुछ दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
बयान के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में पहले से दर्ज मुकदमे के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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