Tamil Nadu Minister Wilson ने खोली 'रिश्वत' की परतें, सरकार पर उठ रहे सवाल

N Marie Wilson
ANI
अंकित सिंह । Aug 27 2026 12:07PM

तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन की रिश्वत देने की स्वीकारोक्ति ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। उन्होंने अपने संस्थानों के लिए डीएमके सरकार में मंज़ूरी हेतु भारी रकम देने का दावा किया, जिसके बाद डीएमके और बीजेपी ने टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार से आरोपों की जांच व विल्सन को कैबिनेट से हटाने की मांग की है।

तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन की हालिया रिश्वत वाली टिप्पणी से राजनीतिक घमासान मच गया है। DMK और BJP ने राज्य में TVK के नेतृत्व वाली सरकार से मांग की है कि उनके बयान की जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें कैबिनेट से हटाया जाए। सोमवार को राज्य विधानसभा में बोलते हुए विल्सन ने दावा किया कि DMK सरकार के दौरान, उन्हें चेन्नई में अपने संस्थानों से जुड़ी मंज़ूरी के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को भारी रकम देनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि मैं ही सबूत हूँ, मैं ही गवाह हूँ... मैं जाँच का सामना करने के लिए तैयार हूँ।

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जहां राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने विल्सन का बचाव करते हुए उन्हें व्हिसलब्लोअर बताया, वहीं DMK ने विल्सन की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। पार्टी नेता अंबिल महेश पोय्यामोझी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पोय्यामोझी ने कहा कि विधानसभा में किसी मंत्री का यह कहना कि उन्होंने रिश्वत दी, एक गंभीर गलती है। DMK नेता ने कहा कि चूंकि वे रिश्वत देने की घटना के प्रत्यक्ष गवाह होने का दावा करते हैं, इसलिए मैं DVAC से अनुरोध करता हूं कि वे तुरंत उनकी जांच करें।

विल्सन ने पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को भी चुनौती दी कि वे इस मामले की जांच की मांग करें। टी. नगर में ग्लोबल नाम की जगह पर कथित तौर पर किए गए भुगतान का ज़िक्र करते हुए, विल्सन ने कहा कि वह यह बताने के लिए तैयार हैं कि उनसे कथित तौर पर कितनी रकम का भुगतान करवाया गया था। उन्होंने सदन में कहा कि मैं बता सकता हूं कि अल्पसंख्यक संस्थानों के लिए आपको कितनी रकम मिली थी।

पिछली DMK सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री रहे पोय्यामोझी ने विल्सन पर पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री की इस बात पर 'डायरेक्टरेट ऑफ़ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन' (DVAC) को तुरंत जांच करनी चाहिए। पोय्यामोझी ने कहा कि विधानसभा में एक मंत्री कहता है कि उसने रिश्वत दी। यह एक गंभीर गलती है। चूंकि विल्सन ने दावा किया था कि वह कथित लेन-देन का प्रत्यक्ष गवाह है, इसलिए पोय्यामोझी ने कहा कि DVAC को सबसे पहले उससे पूछताछ करनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि DVAC को सबसे पहले मंत्री से पूछताछ करनी चाहिए कि उसने कितना पैसा दिया और किसे दिया। DMK ने यह भी मांग की है कि TVK के नेतृत्व वाली सरकार विल्सन के आरोपों की जांच का आदेश दे और जांच पूरी होने तक उसे कैबिनेट से हटा दे। इस बीच, तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने विल्सन का बचाव करते हुए उन्हें व्हिसलब्लोअर बताया।

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