Bengal Police की कमियों के लिए TMC जिम्मेदार, Suvendu Adhikari ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस में साजो-सामान और बुनियादी ढांचे के अभाव के लिए पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कोलकाता पुलिस मुख्यालय में 309 नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए बल के आधुनिकीकरण और वित्तीय सुरक्षा देने की बात कही। साथ ही आगामी त्योहारों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।
कोलकाता, सात नवंबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को राज्य पुलिस बल में बुनियादी ढांचे, साजो-सामान और पेशेवर दक्षता की कथित कमियों के लिए तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण, बेहतर प्रशिक्षण और बड़े पैमाने पर भर्ती के जरिए इन कमियों को दूर करने के लिए कदम उठा रही है। शुभेंदु ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 309 नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पुलिसकर्मियों के पास ‘कोई वित्तीय सुरक्षा नहीं थी’। मुख्यमंत्री ने कहा, “बंगाल पुलिस बुनियादी ढांचे, साजो-सामान, पेशेवर दक्षता और प्रशिक्षण के मामले में पिछड़ी हुई है। अगर पिछली सरकारों ने पुलिस बल को लगातार उन्नत करने के लिए कदम उठाए होते, तो मौजूदा सरकार को इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।” उन्होंने कहा, “कई हजार पुलिसकर्मियों को वित्तीय सुरक्षा नहीं मिली।
उन्हें 42 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) से वंचित रखा गया। देशभर में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिला।” शुभेंदु ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने और पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं तथा विभिन्न संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस बल के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इसके लिए असम पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हमने राज्य पुलिस और केंद्र के बीच समन्वय मजबूत करने का भी फैसला किया है।” शुभेंदु ने कहा कि करीब 11 करोड़ की आबादी और भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विविधता के कारण पश्चिम बंगाल में पुलिस व्यवस्था संभालना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, “यहां अलग-अलग भाषाएं, पहनावे और खान-पान की परंपराएं हैं।
एक ओर पहाड़ी क्षेत्र हैं, तो दूसरी ओर जंगलमहल है। इसके अलावा कई अलग-थलग द्वीप भी हैं। पुलिस आम जनजीवन में सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए काम करती है।
लंबे समय तक उन्हें कोई सुविधाएं या लाभ नहीं मिले और वे वित्तीय सुरक्षा से भी वंचित रहे। अब पुलिस बल को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि राज्य पुलिस भर्ती के मामले में पिछड़ रहा है। उन्होंने कई रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने की घोषणा की।
इससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना को पुलिस और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय से टाला जा सकता था। उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद से काली पूजा और दीपावली समारोहों के दौरान सतर्क रहने का आग्रह किया। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई थी।
शुभेंदु ने पिछले महीने मची भगदड़ की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच दल की सिफारिशों को लागू करेगी। उन्होंने कोलकाता पुलिस के एक कार्यक्रम में कहा, “अगर बेहतर समन्वय होता, तो चोरबागान हादसे को टाला जा सकता था। मैं इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।
इस घटना से मुझे गहरा दुख पहुंचा है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि बड़े आयोजनों और समारोहों के दौरान स्वयंसेवकों, पुलिसकर्मियों और आयोजकों के बीच उचित समन्वय बनाए रखा जाना चाहिए। मेरा मानना है कि हम चोरबागान हादसे से सबक लेंगे।” शुभेंदु ने पुलिस प्रशासन से काली पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने कार्यक्रम में कहा, “मैं आप सभी से पूरी ईमानदारी और गंभीरता से काम करने का आग्रह करता हूं।
कोलकाता में करीब 3,400 जगहों पर काली पूजा की जा रही हैं। मैं पुलिस आयुक्त से इस मामले पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध करूंगा। साथ ही छठ पूजा के दौरान नदी के घाटों पर भी निगरानी रखें।”
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