कांग्रेस के साथ विलय की खबरों पर सुप्रिया सुले का विराम, कहा- सहयोगी के तौर पर मिलकर काम करते रहेंगे

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कांग्रेस के साथ पार्टी के विलय की अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दलों के बीच ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है और वे सहयोगी के रूप में काम करते रहेंगे। सुले ने कहा कि दोनों पार्टियों के संबंध बहुत मजबूत हैं और वे लगातार आपसी समन्वय बनाए हुए हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कांग्रेस में अपनी पार्टी के विलय की तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दलों के बीच विलय को लेकर न तो कोई बातचीत हुई है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव सामने आया है। सुले ने कहा कि दोनों दल एक मजबूत सहयोगी के रूप में भविष्य में भी साथ मिलकर काम करते रहेंगे।

सुप्रिया सुले ने पुणे में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि राकांपा (शप) किसी भी तरह की विलय प्रक्रिया में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव मिला है और न ही उनकी पार्टी ने विलय को लेकर कोई पहल की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) और राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों के रूप में दोनों के बीच बेहतरीन तालमेल है और वे सहयोगी के रूप में हमेशा साथ रहेंगे।

दोनों दलों के बीच मजबूत और सौहार्दपूर्ण रिश्तों का जिक्र करते हुए सुले ने बताया कि वे राजनीतिक मुद्दों पर नियमित रूप से एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली दौरे के समय वह कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से मिलकर महाराष्ट्र के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करती हैं। इसके अलावा, वह राज्य के विभिन्न विषयों पर राहुल गांधी के साथ भी लगातार विचार-विमर्श करती हैं और संसद की कई संयुक्त समितियों में दोनों दल साथ मिलकर काम करते हैं।

सुले ने दोनों परिवारों के बीच के करीबी रिश्तों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले महीने मुंबई में उनकी बेटी रेवती और उद्योगपति सारंग लखानी के विवाह समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी शामिल हुए थे और नवदंपति को अपना आशीर्वाद दिया था। उन्होंने दोहराया कि सहयोगी दल के रूप में राकांपा (शप) और कांग्रेस पहले भी साथ थे, आज भी साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे।

गौरतलब है कि सुप्रिया सुले के पिता और वरिष्ठ नेता शरद पवार ने वर्ष 1999 में कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया था। जुलाई 2023 में पार्टी में उस समय विभाजन हो गया था जब तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल हो गए। इसके बाद अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न मिला, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट राकांपा (शप) के नाम से जाना जाने लगा। पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कांग्रेस से अलग हुए क्षेत्रीय दलों से अपनी मूल पार्टी में लौटने की अपील की थी ताकि वैचारिक प्रतिद्वंद्वियों का मुकाबला मजबूती से किया जा सके।

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