Rajnath Singh बोले Nepal Flood Crisis पर भारत चिंतित, भेजी जा रही मदद

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से भारत बेहद चिंतित है और पड़ोसी देश को लगातार मानवीय मदद पहुंचा रहा है। नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई इस आपदा में 669 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 2000 लोग लापता हैं। भारत सरकार काठमांडू के लिए चिकित्सकों का दल और खाद्य सामग्री सहित कई टन राहत सामग्री भेज चुकी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि नेपाल में बाढ़ संकट से भारत चिंतित है और बाढ़ प्रभावित पड़ोसी देश में नयी दिल्ली की तरफ से राहत सामग्री भेजी जा रही है। लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, केवल नेपाल ही नहीं है जो वहां पैदा हुए संकट से चिंतित है, भारत भी चिंतित है। हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत जो भी सहायता की आवश्यकता होगी उसे प्रदान करने के लिए तैयार है।

यहां से राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित देश में भेजी जा रही है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को 669 तक पहुंच गई, जबकि लगभग 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान जारी रहने के बीच सभी आठ प्रभावित जिलों से शव बरामद किए गए हैं।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के ढहने के बाद हुए हिमस्खलन के कारण बुधवार को मध्य नेपाल के माध्यम से पानी, कीचड़ और मलबे की एक धारा फूट पड़ी जिससे कई कस्बों और गांवों का सफाया हो गया, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और जलविद्युत केंद्र बह गए। नेपाल में लापता लोगों की तलाश में बचावकर्मी 24 घंटे काम कर रहे हैं, जिन्हें कुछ स्थानों पर बारिश का सामना करना पड़ रहा है तो कई स्थानों पर सूखी मिट्टी में खुदाई करनी पड़ रही है। भारत ने शुक्रवार को बाढ़ से तबाह नेपाल के लिए 10 टन राहत सामग्री की तीसरी खेप भेजी और चिकित्सकों और अन्य कर्मियों का 11 सदस्यीय दल भी भेजा गया है।

नयी दिल्ली ने बुधवार को पड़ोसी देश को 10 टन राहत सामग्री भेजी थी, जबकि 37.5 टन राहत सामग्री की एक और खेप बृहस्पतिवार को भेजी गई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 10 टन मानवीय सहायता लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हो गई है। सहायता में पोर्टेबल जनरेटर सेट, भोजन के पैकेट और जल शोधन टैबलेट शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की थी और हालात से निपटने के लिए हर संभव मानवीय मदद मुहैया कराने का भरोसा दिलाया था। इसके कुछ ही घंटों बाद राहत सामग्री की पहली खेप भेजी गई। बातचीत के बाद मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़