Rajeev Chandrasekhar ने वी.डी. सतीशन पर चुनिंदा सेक्युलरिज्म का लगाया आरोप

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने फोर्ट कोच्चि कैफे मामले में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस और माकपा पर धार्मिक भावनाओं का अनादर करने वाली राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। यह विवाद एक यूट्यूबर द्वारा कैफे को लेकर की गई सांप्रदायिक टिप्पणी और उसकी गिरफ्तारी के बाद उपजा है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर “चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस और माकपा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये दल धार्मिक भावनाओं का अनादर करने वाली राजनीतिक संस्कृति का समर्थन करते हैं। चंद्रशेखर की यह टिप्पणी सतीशन के सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आई।
सतीशन ने फोर्ट कोच्चि के एक कैफे में कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने को लेकर एक यूट्यूबर की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी थी। यूट्यूबर ने एक वीडियो में दावा किया था कि कैफे में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी है और वहां ‘बीफ’ परोसा जाता है, जबकि कैफे का नाम पवित्र शहर काशी पर रखा गया है। सोशल मीडिया मंच ‘इंस्टाग्राम’ पर साझा किए गए वीडियो को लेकर व्यापक आलोचना हुई थी।
सतीशन और विपक्ष के नेता तथा माकपा के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन ने कथित सांप्रदायिक टिप्पणियों की निंदा की थी। फोर्ट कोच्चि पुलिस ने वीडियो को लेकर उत्तर भारत के यूट्यूबर अमृत सिंह डैरेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। अपने पोस्ट में चंद्रशेखर ने कहा कि केरलम सभी मलयाली लोगों का है और वे ही राज्य के वर्तमान और भविष्य (जिसमें यहां का खान-पान, संस्कृति और उत्सव भी शामिल हैं) का फैसला करेंगे।
उन्होंने कहा कि केरलम भारत का हिस्सा है और प्रत्येक मलयाली भारतीय है। चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री से कहा, ‘‘जिन्ना की पूजा जैसी भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी बातों, अपमानजनक टिप्पणियों, गतिविधियों या भावनाओं को बढ़ावा न दें। इस मामले में आपको हमारा समर्थन मिलेगा।
लेकिन, चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव की चुनिंदा बातें आपको भी पहले के अन्य फर्जी राजनीतिक नेताओं जैसा ही बना देंगी तथा हम इसका पूरी तरह से और हर बार विरोध करेंगे।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल (कांग्रेस और माकपा) ऐसी राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी मुस्लिम पवित्र शहर के नाम पर बने रेस्तरां में सूअर का मांस परोसा जाए, तो सतीशन की प्रतिक्रिया क्या होगी। इस बीच, प्रदेश के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि केरलम को सांप्रदायिक नफरत का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने वर्कला और फोर्ट कोच्चि के बारे में झूठी बातें फैलाने तथा सांप्रदायिक संदेह पैदा करने वाले व्लॉगर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। उन्होंने कहा कि फोर्ट कोच्चि पुलिस द्वारा उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना जरूरी कदम है। चेन्निथला ने कहा, “हमारे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, कला और विविध समुदाय हमारी साझा विरासत का हिस्सा हैं।
नफरत का कोई अभियान इसे मिटा नहीं सकता।” उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने का लाइसेंस नहीं है। चेन्निथला ने कहा, “केरलम एकजुट है। नफरत हमें बांट नहीं सकती।”
अन्य न्यूज़













