असम के Padumpathar FPC को जैविक खेती के लिए मिला Assam Gaurav Award

असम के Padumpathar FPC को जैविक खेती के लिए मिला Assam Gaurav Award
प्रतिरूप फोटो
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गोलाघाट जिले की किसान उत्पादक कंपनी पदुमपाथर एग्रो ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर्स को इस वर्ष के असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। महज 14 किसानों से शुरू हुई यह संस्था अब 1,500 सदस्यों का नेटवर्क बन चुकी है, जिसकी उपज सऊदी अरब और दुबई तक निर्यात होती है। कंपनी अदरक, हल्दी और असम नींबू जैसी फसलों के जैविक उत्पादन और प्रसंस्करण का काम करती है।

असम के गोलाघाट जिले में 14 किसानों के सामूहिक प्रयास से शुरू हुआ एक संगठन अब करीब 1,500 सदस्यों वाले समुदाय-आधारित समूह में बदल चुका है। यह समूह जैविक उत्पादों की आपूर्ति विदेशी बाजारों में भी करता है और इस संगठन को इस वर्ष असम सरकार के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए चुना गया है। किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) पदुमपाथर एग्रो ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड को शुक्रवार को घोषित ‘असम गौरव पुरस्कार 2026’ के लिए चुना गया है।

कंपनी के निदेशकों में से एक संजीत विश्वकर्मा ने रविवार को कहा, ‘‘लगभग 14 किसानों के शुरुआती समूह से बढ़कर अब हम लगभग 1,500 किसान-शेयरधारकों के एक नेटवर्क में तब्दील हो गए हैं जो करीब 1,500 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कंपनी इसका उदाहरण है कि सामुदायिक भागीदारी, कृषि संबंधी ज्ञान और बाजारोन्मुखी योजना ग्रामीण उद्यम खड़ा करने में किस तरह मदद कर सकती है।’’ इस पहल की शुरुआत 2009-2010 में हुई जब लगभग 14 किसान ‘पदुमपाथर सागरमाथा एग्रीकल्चर सर्विस ग्रुप’ (एएसजी) के बैनर तले एक साथ आए। उन्हें कृषि विभाग और गोलाघाट स्थित जिला कृषि कार्यालय से मार्गदर्शन मिला। जैसे-जैसे यह पहल आगे बढ़ी, किसानों ने ‘पदुमपाथर ऑर्गेनिक ग्रोअर्स सोसाइटी’ बनाई जो एक ‘फार्मर्स इंटरेस्ट ग्रुप’ (एफआईजी) है।

जैविक खेती और इसकी व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ने के साथ इस सोसाइटी का विस्तार हुआ और इसमें लगभग 50 सदस्य शामिल हो गए जो करीब 50 एकड़ जमीन पर खेती करते थे। विश्वकर्मा ने बताया कि 24 अगस्त, 2017 को पदुमपाथर एग्रो ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड का पंजीकरण एक बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने बताया कि कंपनी के उत्पाद भारत के करीब 17 राज्यों के बाजारों तक पहुंचे हैं।

इसके अलावा दुबई और सऊदी अरब में भी इनका निर्यात किया जाता है। इसकी स्थापना केंद्र सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य शृंखला विकास मिशन (एमओवीसीडीएनईआर) से जुड़ी थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैविक उत्पादन को बढ़ावा देना, मूल्य शृंखला विकसित करना और क्षेत्र के किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाना है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अदरक, हल्दी और असम नींबू जैसे कृषि उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करती है। इसके तहत स्थानीय उपज का व्यावसायिक मूल्य बढ़ाने के लिए खेती के साथ प्रसंस्करण और विपणन का काम भी किया जाता है। कंपनी के अध्यक्ष अंजल लिम्बू ने कहा कि कच्चे कृषि उत्पाद बेचने के अलावा कंपनी ने कुछ उत्पादों को पाउडर में बदलने और बिक्री के लिए उनकी पैकेजिंग करने जैसी मूल्यवर्धन गतिविधियां भी शुरू की हैं।

कंपनी के अध्यक्ष ने सम्मान के लिए राज्य सरकार का आभार जताया और कहा कि यह सम्मान किसानों के प्रयासों तथा एक दशक से अधिक समय से की जा रही उनकी कड़ी मेहनत की पहचान है। लिम्बू ने कहा, ‘‘यह सम्मान हमें किसान नेटवर्क को और मजबूत करने, उत्पादों की विविधता बढ़ाने, प्रसंस्करण और विपणन क्षमताओं में सुधार करने तथा बाजार के नए अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेगा।’’

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