मतपत्रों से हुए MLC Elections में Congress की हार पर PM Modi ने कसा तंज

चार राज्यों की विधान परिषद सीटों पर मतपत्रों से हुए चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल पर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की कुल 28 सीटों पर हुए मतदान में कांग्रेस कर्नाटक की सभी चार सीटें हार गई। विपक्षी पार्टियां लंबे समय से ईवीएम की जगह मतपत्रों से मतदान कराने की मांग उठा रही थीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधान परिषद चुनावों में मतपत्रों के इस्तेमाल के बावजूद कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर बुधवार को तंज कसा। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खिलाफ विपक्षी दलों के अभियान में चुनाव मतपत्रों से कराया जाना एक प्रमुख मांग रही है। बुधवार को घोषित नतीजों के अनुसार, कर्नाटक में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की पांच और समाजवादी पार्टी ने तीन सीट जीत लीं।
चार राज्यों में उच्च सदन की 28 सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव हुए थे। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे चार बड़े राज्यों की 28 सीट पर विधान परिषद चुनाव हुए। चुनाव मतपत्रों से कराए गए।
अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीट जीतीं?” मतगणना मंगलवार को शुरू हुई थी और कुछ सीट पर बुधवार को भी जारी थी। उत्तर प्रदेश में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की छह और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीट, बिहार में चार-चार, कर्नाटक में दो-दो तथा महाराष्ट्र में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तीन और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की दो सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन तीन सीट पर आगे था, जबकि विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) दो सीट पर आगे थी।
बिहार में जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद में अपना खाता खोला जहां भाजपा, जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट जीती। कर्नाटक में कांग्रेस को झटका लगा और वह सभी चार सीट हार गई। विपक्षी जनता दल (सेक्युलर) ने सत्तारूढ़ दल से एक सीट छीन ली, जबकि उसकी सहयोगी भाजपा ने तीन सीट बरकरार रखीं।
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल मांग करते रहे हैं कि भविष्य के सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों से कराए जाएं।
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