Nepal Flood के बाद UP में अलर्ट, महराजगंज और कुशीनगर में नदियों पर निगरानी

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नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने महराजगंज और कुशीनगर जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दोनों जिलों में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। पड़ोसी देश में फंसे प्रदेशवासियों की सहायता और सुरक्षित वापसी के लिए राहत आयुक्त कार्यालय ने हेल्पलाइन नंबर 1070 भी जारी किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ पर चिंता जताते हुए महराजगंज और कुशीनगर के जिला प्रशासन को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ के कारण महराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक तथा नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। राज्य सरकार ने पड़ोसी देश में बाढ़ में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान को गंभीर चिंता का विषय बताया और प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं कुशलता के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना की। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां फंसे प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, यदि कोई प्रदेशवासी नेपाल में फंसा है या उसे किसी तरह की सहायता की आवश्यकता है तो उसके परिजन तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नागरिकों की सुरक्षित वापसी और उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए दूतावास स्तर पर भी संपर्क शुरू किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत आयुक्त कार्यालय ने भारतीय और नेपाली दूतावासों से संपर्क किया है तथा दोनों दूतावासों से कहा गया है कि नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की जानकारी मिलने पर उसे तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय के साथ साझा किया जाए, ताकि संबंधित व्यक्ति तक जल्द से जल्द आवश्यक मदद पहुंचाई जा सके। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए सीमावर्ती जिलों महराजगंज और कुशीनगर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

उन्होंने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ से प्रभावित होने वाली नदियों के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। नेपाल-चीन सीमा से लगे रसुवा जिले में अत्यधिक बारिश के कारण पैदा हुई संवेदनशील स्थिति को देखते हुए नेपाल के नवलपरासी जिले और महराजगंज में गंडक नदी के दाहिने किनारे पर रात में निरीक्षण तथा लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने नेपाल में हुए नुकसान को चिंताजनक बताते हुए दोनों जिलों के प्रशासन को जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने और गंडक तथा नारायणी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि अचानक आई बाढ़ के कारण उत्तर प्रदेश के कई लोग नेपाल में फंसे हुए हैं। अपने साथियों के साथ सड़क मार्ग से नेपाल गए किसान नेता राकेश टिकैत भी पोखरा इलाके में फंसे हुए हैं। टिकैत ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हम कल विमान से काठमांडू पहुंचेंगे और वहां से हवाई मार्ग से दिल्ली जाएंगे।

हम अपने वाहनों को यहीं छोड़ देंगे क्योंकि वर्तमान हालात में उनसे यात्रा करना संभव नहीं होगा।’’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों के सदस्य नेपाल में मौजूद हैं और उन्हें बाढ़ के मद्देनजर फंसे भारतीयों तथा स्थानीय लोगों की मदद करने और सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। राज्य सरकार के बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। महराजगंज में गंडक की चौबीसों घंटे निगरानी महराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए गंडक नदी की चौबीसों घंटे निगरानी करने का आदेश दिया है।

अधिकारियों को आशंका है कि बाढ़ के कारण नदी का प्रवाह बढ़ने से निचले इलाकों पर असर पड़ सकता है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने राजस्व विभाग, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर संवेदनशील निचले इलाकों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से नदियों, नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास नहीं जाने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

लोगों से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को भी संवेदनशील इलाकों से दूर रखने को कहा गया है। कुशीनगर में निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह कुशीनगर से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, जिला प्रशासन ने मरचहवा, शिवपुर और अन्य गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आदेश दिया है। निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए घोषणाएं भी की जा रही हैं।

जिला प्रशासन के मुताबिक, नेपाल में आई बाढ़ के कारण अगले दो घंटों में कुशीनगर में नारायणी नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि नेपाल में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने खड्डा तहसील में नारायणी नदी के किनारे बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया गया है, क्योंकि नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है। उन्होंने बताया कि खड्डा तहसील के दियारा क्षेत्र के शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

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