राहुल पर नड्डा का पलटवार, लगाया देश को विभाजित करने का आरोप

2008 में, कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव राहुल गांधी और पार्टी के तत्कालीन वरिष्ठ पदाधिकारी एवं चीन के मौजूदा राष्ट्रपति, शी चिनफिंग ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। लद्दाख की गलवान घाटी में पिछले हफ्ते चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में करीब 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे जिसके बाद से सीमा पर तनाव बढ़ गया है।
दोनों पार्टियों ने महत्त्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक दूसरे से परामर्श लेने और उच्च स्तरीय संपर्क को सुलभ बनाने के लिए 2008 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। चीन के साथ सीमा विवाद से निपटने के नरेंद्र मोदी सरकार के तरीके के खिलाफ कांग्रेस के बढ़ते आक्रामक रुख पर पलटवार करने के लिए भाजपा इस एमओयू का हवाला दे रही है। 2008 में, कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव राहुल गांधी और पार्टी के तत्कालीन वरिष्ठ पदाधिकारी एवं चीन के मौजूदा राष्ट्रपति, शी चिनफिंग ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। लद्दाख की गलवान घाटी में पिछले हफ्ते चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में करीब 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे जिसके बाद से सीमा पर तनाव बढ़ गया है।First, Congress signs MoU with Chinese Communist Party.
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) June 23, 2020
Then, Congress surrenders land to China.
During Doklam issue, Rahul Gandhi secretly goes to Chinese embassy.
During crucial situations, Rahul Gandhi tries to divide the nation & demoralise armed forces.
Effects of MoU? pic.twitter.com/Z3WJhpt4Ol
अन्य न्यूज़














