Muthuramalingam Thevar की प्रतिमा पर पसुम्पोन में पहनाया गया 13.5 किलो का स्वर्ण कवच

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स्वतंत्रता सेनानी मुथुरामलिंग थेवर की 119वीं जयंती और गुरु पूजा के अवसर पर तमिलनाडु के पसुम्पोन स्थित उनके स्मारक में आदमकद प्रतिमा को स्वर्ण कवच से सुसज्जित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता द्वारा 2014 में भेंट किए गए इस 13.5 किलोग्राम के कवच को मदुरै स्थित बैंक ऑफ इंडिया की तिजोरी से कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया था। यह शुद्ध सोने का कवच 2 नवंबर तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ प्रतिमा पर रहेगा।

दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता द्वारा थेवर जयंती और गुरु पूजा के लिए भेंट किया गया 13.5 किलोग्राम वजन का स्वर्ण कवच शुक्रवार को पसुम्पोन स्थित स्वतंत्रता सेनानी एवं आध्यात्मिक नेता मुथुरामलिंग थेवर के स्मारक में उनकी प्रतिमा पर पहनाया गया। मुथुरामलिंग थेवर की 119वीं जयंती और 64वीं गुरु पूजा के अवसर पर उनकी प्रतिमा को स्वर्ण कवच से सजाने की परंपरा उत्साहपूर्वक निभाई गई। इस शुद्ध सोने के कवच को सोमवार को मदुरै के अन्ना नगर मेन रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा की तिजोरी से औपचारिक रूप से निकाला गया था।

जयललिता ने वर्ष 2014 में इसे पसुम्पोन स्मारक को भेंट किया था। अन्नाद्रमुक के कोषाध्यक्ष डिंडीगुल सी. श्रीनिवासन ने स्मारक की वंशानुगत संरक्षक गांधीमीनल नटराजन के साथ बैंक से संबंधित और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इस दौरान राज्य के पूर्व मंत्री आर. बी. उदयकुमार और मणिकंदन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्वर्ण कवच को कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से रामनाथपुरम जिले के पसुम्पोन गांव ले जाया गया। वहां तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत के अवसर पर इसे मुथुरामलिंग थेवर की आदमकद प्रतिमा पर विधिवत पहनाया गया। कवच को ले जा रहे वाहन के साथ किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

आयोजकों के अनुसार, हजारों श्रद्धालुओं और राजनीतिक दलों के नेताओं के दर्शन एवं श्रद्धांजलि के लिए स्वर्ण कवच सप्ताहांत तक प्रतिमा पर लगा रहेगा। इसके बाद दो नवंबर को इसे सुरक्षित रूप से बैंक की तिजोरी में वापस रख दिया जाएगा। वर्ष 2014 में भेंट किए जाने के समय इस स्वर्ण कवच की कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

इसकी अधिक कीमत के कारण इसे पसुम्पोन स्मारक में स्थायी रूप से नहीं रखा जाता, बल्कि पूरे साल मदुरै में बैंक ऑफ इंडिया की निर्धारित तिजोरी में सुरक्षित रखा जाता है। हर साल जयंती समारोह से कुछ दिन पहले अन्नाद्रमुक के कोषाध्यक्ष और स्मारक के न्यासी कड़ी सशस्त्र सुरक्षा के बीच बैंक की तिजोरी से कवच निकालकर सड़क मार्ग से पसुम्पोन लाते हैं। तीन दिवसीय समारोह के दौरान इसे प्रतिमा पर पहनाया जाता है और समारोह संपन्न होने के बाद वापस बैंक की तिजोरी में सुरक्षित रख दिया जाता है।

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