CM Mohan Charan Majhi ने Odisha Police को 75 फीसदी दोषसिद्धि का लक्ष्य दिया

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन को संबोधित करते हुए आपराधिक मामलों की दोषसिद्धि दर कम से कम 75 प्रतिशत करने का निर्देश दिया। उन्होंने साल 2029 तक प्रदेश को नशा-मुक्त बनाने के संकल्प के साथ मादक पदार्थों के पूरे वित्तीय नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पुलिस थानों में आने वाले नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को आपराधिक मामलों में राज्य की दोषसिद्धि दर बढ़ाकर कम से कम 75 फीसदी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने प्रदेश पुलिस को संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली से जुड़े मामलों को “कतई बर्दाश्त न करने” की नीति अपनाने का निर्देश दिया। भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन में माझी ने ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति, आंतरिक एवं तटीय सुरक्षा, साइबर अपराध और भविष्य की पुलिसिंग जरूरतों का जायजा लिया।
उन्होंने पुलिस के लिए 10-सूत्री परामर्श जारी किया, जिसमें दोषियों की दोषसिद्धि दर बढ़ाने, ओडिशा को नशा-मुक्त बनाने, तटीय एवं समुद्री सुरक्षा मजबूत करने, साइबर अपराध तथा ‘डार्क वेब’ से निपटने, खुफिया जानकारी जुटाने के तौर-तरीके बेहतर करने, पुलिस थानों को आधुनिक बनाने और भ्रष्टाचार-मुक्त पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, माझी ने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिसकर्मियों को जनता, खासकर शिकायत लेकर पुलिस थाने आने वाले लोगों के साथ विनम्र, संवेदनशील और भरोसेमंद व्यवहार करना चाहिए। बयान के अनुसार, माझी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सम्मेलन में शामिल पुलिसकर्मियों से कहा कि वे परेशान लोगों के साथ सहानुभूति से पेश आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दोषसिद्धि दर अब सुधरकर 40 प्रतिशत से अधिक हो गई है, लेकिन इसे कम से कम 75 फीसदी तक बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वे जांच को ज्यादा पेशेवर और प्रौद्योगिकी आधारित बनाएं, खासकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में। माझी ने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा को साल 2029 तक पूरी तरह से “नशा-मुक्त” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को सिर्फ जब्ती और गिरफ्तारियों पर ध्यान देने के बजाय मादक पदार्थ की तस्करी के पीछे की पूरी आपूर्ति शृंखला और वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाना चाहिए।
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