अफवाहों के कारण प्रवासी मजदूर एकत्र हुए, भ्रामक संदेशों पर अंकुश लगाया जाये: पवार

पवार की पार्टी राज्य में सत्तारूढ़ शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में एक प्रमुख घटक दल है। लॉकडाउन के नियमों की अनदेखी करते हुए एक हजार से अधिक प्रवासी मजदूर मंगलवार को यहां एकत्र हो गये थे और उन्होंने उनके पैतृक स्थानों पर वापस भेजने के लिए परिवहन प्रबंध किये जाने की मांग की थी।
पवार ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि कौन केन्द्र या राज्य की सत्ता में है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सामने केवल एक सूत्री एजेंडा कोरोना वायरस को हराना है। हमें उस दिशा में कदम उठाने चाहिए।’’ उन्होंने हका, ‘‘बांद्रा में जो हुआ वह कहीं भी दोहराया नहीं जाना चाहिए।’’ पवार की पार्टी राज्य में सत्तारूढ़ शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में एक प्रमुख घटक दल है। लॉकडाउन के नियमों की अनदेखी करते हुए एक हजार से अधिक प्रवासी मजदूर मंगलवार को यहां एकत्र हो गये थे और उन्होंने उनके पैतृक स्थानों पर वापस भेजने के लिए परिवहन प्रबंध किये जाने की मांग की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल सुबह ही कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाये गये लॉकडाउन की अवधि को तीन मई तक बढ़ाये जाने की घोषणा की थी। पवार ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को दो बार का भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने लॉकडाउन की अवधि तीन मई तक बढ़ाये जाने संबंधी मोदी की घोषणा का स्वागत किया और उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से इसका समर्थन करने का आग्रह किया। राकांपा प्रमुख ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों पर चिंता जतायी और इस बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों की देखभाल करने का आह्वान किया। देश में अब तक कोरोना वायरस के कारण 377 लोगों की मौत हो चुकी है।5. The CM's Relief Fund, has always been kept out of the #CSR provision. Corporates' contributions to CM’s Relief Fund should be considered as CSR. All State Disaster Management Authorities will be empowered to deal with Covid related crisis in various quarters if it is done so.
— Sharad Pawar (@PawarSpeaks) April 15, 2020
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