खरगे की जुबान पर भड़की मायावती, मोदी के अपमान का लिया बदला!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी की बीएसपी प्रमुख मायावती ने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत हमले और अमर्यादित भाषा देश हित के खिलाफ है। मायावती ने नेताओं को निजी हमलों से बचकर गरीबी व बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता का अपमान कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस कदर फंसे हैं। इस कदर फंसे हैं ना सिर्फ कांग्रेसी ही अब उन्हें खरी-खोटी सुना रहे हैं बल्कि अब विपक्षी पार्टी के नेता खुलकर खरगे के खिलाफ मैदान में आ रहे हैं। बात कर रहे हैं बीएसपी सुप्रीमो मायावती की। मायावती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सीधा-सीधा मल्लिकार्जुन खरगे से भिड़ती हुई नजर आई। प्रधानमंत्री मोदी की गरिमा के लिए ना सिर्फ कांग्रेसियों को नसीहत दी बल्कि गहरे शब्दों में तंज भी कसा और कहा कि जिस शब्दों का इस्तेमाल अब राजनीति में किया जा रहा है वो देश हित के लिए ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी का उनके पिता का जिस तरीके से अपमान हुआ वो पूरी तरीके से गलत है।
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मायावती ने बकायदा सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा है और उस पोस्ट के जरिए कांग्रेसियों को ना सिर्फ आईना दिखाने का काम किया बल्कि जो लोग बात-बात पर प्रधानमंत्री मोदी को उनकी मां को या फिर किसी भी नेता को इस तरीके से गाली गलौज करते नजर आते हैं या विवादित शब्दों से संबोधित करते नजर आते हैं उन सभी पर तंज कसते हुए मायावती नजर आई।
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मायावती ने सीधे-सीधे मैदान में उतरते हुए एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा और मायावती ने तंज कसते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर बड़ा बयान दिया। बीएसपी सुप्रीमो ने पीएम मोदी पर खड़े द्वारा की गई विवादित टिप्पणी को लेकर कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत हमले और विषैली राजनीति देश हित के लिए सही नहीं है। बीएसपी प्रमुख ने बिना नाम लिए कांग्रेसियों को नसीहत भी दे डाली और कहा कि भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष, कटुता, आरोप-प्रत्यारोप का स्तर अब व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी बेलगाम हो गया है। और इससे देश की गरिमा और मान, मर्यादा पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने सीधे-सीधे आगे लिखा कि यह असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक, सककीर्ण और जातिवाद से ग्रसित होते हुए हिंसक बयानबाजी तक पहुंच जा रहा है जो अति दुखद और देश की गरिमा, मान मर्यादा के लिए चिंताजनक है। उन्होंने आगे कहा कि शीर्ष स्तर पर आसीन लोगों के बीच यदि एक दूसरे के लिए समुचित सम्मान नहीं है तो कम से कम अपमानजनक या विषैली राजनीति को किसी भी प्रकार से बढ़ावा नहीं दिलाना चाहिए। मायावती ने आगे इशारा कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे को दिया। सीधे-सीधे जो बयान दिया वह उन्हीं को लेकर दिया गया। बीएसपी प्रमुख के मुताबिक बढ़ती सककीर्ण और गरीब विरोधी स्वार्थी राजनीति के कारण लोगों का भरोसा राजनीतिक व्यवस्था पर कमजोर होना और देश और जनहित में नहीं होगा।
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बीएसपी प्रमुख ने सरकारी स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया है। अपने ट्वीट में कहा इन कारणों से जनता पहले से ही बेचैन है। ऐसे में नेताओं के बीच ना की आपसी लड़ाई स्थिति को और अधिक विषम बना रही है। जबकि जनता चाहती है कि देश में बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई जैसे ज्वलंत समस्याओं के समाधान पर भी सभी का ध्यान केंद्रित हो। तो मायावती ने कहा है कि ऐसे में खासकर सभी पार्टियों और उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टीका टिप्पणी और बयानबाजी की बढ़ती हुई होड़ यहां राजनीतिक माहौल को और भी अधिक कड़वा और विषैली बनाएगी जो अनुचित है सभी लोग इस ओर समुचित ध्यान दें और यह बेहतर होगा। मायावती की तरफ से सीधा-सीधा कहा गया कि जिस तरीके से नेता टिप्पणी कर रहे हैं, जिस तरीके से नेता जनता के मुद्दों को भूलकर एक दूसरे पर उनकी निजी जिंदगी को लाकर इस तरीके की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह जनता के लिए खराब है। वो देश हित के लिए खराब है। उन्हें संयम बरतना चाहिए और इस तरीके की बयानबाजी से बचना चाहिए। हालांकि यह पहली बार नहीं है। जब मायावती खुलकर विपक्षियों के इस तरीके के बयान के खिलाफ मैदान में उतरी हो। समय-समय पर मायावती ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बोलने वालों को करारा तमाचा मारा है।
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