Manoj Jarange ने BJP पर साधा निशाना, 500 करोड़ की ऑडियो क्लिप पर IAS से जांच की मांग

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना पर 500 करोड़ रुपये वाली ऑडियो क्लिप का सच दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस रिकॉर्डिंग को असली बताते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों या जज से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जारांगे ने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना पर आरोप लगाया है कि वे एक ऑडियो क्लिप से जुड़े सच को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। इस क्लिप में उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए जाने का जिक्र है। जारांगे ने दावा किया कि यह रिकॉर्डिंग असली है और उन्होंने वरिष्ठ IAS अधिकारियों या किसी जज से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जारांगे का आरोप है कि इस क्लिप को फर्जी बताने की कोशिश की जा रही है, ताकि इसमें शामिल लोगों को बचाया जा सके और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर किया जा सके। इस रिकॉर्डिंग की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
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पिछले हफ्ते जारांगे ने एक ऑडियो क्लिप जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर बीजेपी पदाधिकारियों के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। इस बातचीत में जिक्र है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जारांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जालना जिले के अंकुशनगर में पत्रकारों से बात करते हुए जारांगे ने कहा कुछ दिनों बाद, वे इस क्लिप को झूठा साबित करने की कोशिश करेंगे। वे सच को पचा नहीं पा रहे हैं और मेरे खिलाफ एक झूठा नैरेटिव फैला रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जुड़े लोग मेरा पीछा कर रहे हैं और मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। जरांगे ने सवाल उठाया कि शिवसेना नेता रामदास कदम को वह मूल और पूरी रिकॉर्डिंग कैसे मिली। उन्होंने पूछा कि कदम को यह क्लिप किसने दी और इसका केवल एक हिस्सा ही जनता के सामने क्यों जारी किया गया।
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उन्होंने कहा अगर इस मामले में बीजेपी और शिवसेना की कोई भूमिका नहीं है, तो उन्हें आगे आना चाहिए और सच सामने लाना चाहिए। जरांगे ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह उस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं करेंगे जिसने उन्हें यह रिकॉर्डिंग दी है। उन्होंने शिंदे और फडणवीस से उस व्यक्ति की सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की। कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने और मराठा आरक्षण आंदोलन को नुकसान पहुंचाने के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा अगर ये लोग फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जानकारी के बिना साजिश रच रहे हैं, तो इससे बीजेपी को ही नुकसान होगा। अगर सच सामने नहीं आया, तो लोगों को लगेगा कि इसमें उनका भी हाथ है। जरांगे ने 'मराठा सेवकों' का एक समूह बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ये निस्वार्थ और समर्पित स्वयंसेवक होंगे, जो मराठा समुदाय के हितों के खिलाफ काम करने वालों की पहचान करेंगे और उनका मुकाबला करेंगे।
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