केजरीवाल दिल्ली से बदला ले रहे हैं, सिरसा ने पंजाब AAP पर पराली जलाने की घटनाओं को छिपाने का आरोप लगाया

सिरसा ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने विज्ञापनों पर 20-25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि इस साल राज्य में पराली जलाने की कोई घटना नहीं हुई है। सिरसा ने कहा हमारी जानकारी के अनुसार पराली जलाने के 1,000 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं और 271 FIR दर्ज की गई हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के सार्वजनिक दावों और किसानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बीच विरोधाभास है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर पराली जलाने के मुद्दे को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो पार्टी दावा कर रही है कि इस साल राज्य में पराली जलाने की कोई घटना नहीं हुई है, वहीं दूसरी तरफ किसानों के खिलाफ 271 FIR दर्ज की गई हैं। सिरसा ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने विज्ञापनों पर 20-25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि इस साल राज्य में पराली जलाने की कोई घटना नहीं हुई है। सिरसा ने कहा हमारी जानकारी के अनुसार पराली जलाने के 1,000 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं और 271 FIR दर्ज की गई हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के सार्वजनिक दावों और किसानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बीच विरोधाभास है।
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उन्होंने AAP पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली के वायु प्रदूषण में पंजाब में पराली जलाने की भूमिका को लेकर लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो पार्टी नेता इन दोनों के बीच किसी भी संबंध से इनकार कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ राज्य में किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सिरसा ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने केजरीवाल पर "दिल्ली से बदला लेने" का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय राजधानी की हवा की गुणवत्ता में सुधार होने से उनकी पार्टी असहज है। यह दावा करते हुए कि पिछले एक दशक में अक्टूबर 2026 दिल्ली के लिए सबसे साफ अक्टूबर रहा, सिरसा ने बताया कि इस साल अब तक शहर में 220 दिन हवा साफ रही है। उन्होंने आगे दावा किया कि दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम रहा है। उन्होंने इस सुधार का श्रेय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार और वहां के निवासियों के मिले-जुले प्रयासों को दिया।
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